सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
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- • तुलसी के बीज+ मिश्री को बराबर की मात्रा में मिलाकर पाउडर बनायें तथा प्रातः दूध के साथ सेवन करें।
- • लौंग का तेल लिंग पर लगाकर सहवास करने से शीघ्रपतन दूर होता है।
❖ स्वप्नदोष
रात में सोते समय या दिन में कभी भी कामेच्छा मात्रा से ही जब वीर्य स्थलित हो जाये तो उसे स्वप्न दोष कहते हैं। कामुक दृश्यों, सिनेमा देखने या अश्लील किताबों को पढ़ने से कामुक भावनाएं मन में बैठ जाती हैं। जो स्वप्न में आती हैं। इसी कारण वीर्य स्थलित हो जाता है।
- • प्रातः काल उठकर ताम्रपत्र में रखा हुआ ठंड पानी पीने से यह बीमारी दूर होती है। गर्म प्रकृति वाले लोगों को यह नुस्खा अवश्य अपनाना चाहिए।
- • प्रातःकाल शहद के साथ केला खाने से स्वप्नदोष में आराम मिलता है।
- • सूखा धनिया और मिश्री बराबर मात्रा में पीसकर ठंडे पानी के साथ लें। स्वप्नदोष की शिकायत दूर होगी।
- • गुलकंद को गाय के दूध में मिलाकर पीने से स्वप्न दोष दूर होता है।
- • प्रातःकाल आँवले का चूर्ण और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से स्वप्नदोष ठीक होता है।
- • विषय वासना, व हस्तमैथून से दूर रहें, सदा प्रसन्ना रहें तथा अच्छी संगत में रहें। योग और व्यायाम करें। अवश्य लाभ होगा।
❖ नपुंसकता
यह बीमारी अत्याधिक स्त्री सम्भोग, मोटापा बढ़ने या चर्बी बढ़ने, या किसी प्रकार की अण्डकोष संबंधी दुर्घटना या हार्निंग, बहुमूल आदि के
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