सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
पृष्ठ 62, कुल 115 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 62
❖ मासिक धर्म की अनियमितता
- ● मैथी, गाजर और मूली के बीजों को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीसें तथा 1 चम्मच चूर्ण को अशोकारिष्ट, के साथ नियमित पीयें, अनियमितता ठीक हो जायेगी।
- ● लाल गुड़हल के फलों को कांजी के साथ पीसकर पीयें।
- ● आम की सुखी पत्तियाँ आग में जलाकर पावडर बनायें और पानी में घोलकर पीयें बीमारी में लाभ मिलेगा।
- ● तेजपात का काढ़ा पीने से काफी लाभ होता है।
❖ मासिक धर्म की अधिकता
- ● धनिये का काढ़ा बनायें और छानकर पिलायें।
- ● जामुन की हरी ताजी छाल को सूखाकर पावडर बनालें सुबह-शाम गाय के दूध में एक चम्मच मिलाकर पीयें।
- ● असंगंध के चूर्ण को मिश्री मिलाकर पानी के साथ लेने से मासिक धर्म में आने वाले खून में कमी आयेगी।
❖ बांझपन
- ● ढाक के पत्तों का रस गाय के दूध में मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा। गर्भ ठहरने के बाद भी ढाक के पत्ते दूध में पीसकर पीने से ओजस्वी संतान की प्राप्ति होती है।
- ● गाय के दूध में नागकेसर चूर्ण मिलाकर पीने से स्त्रियां जल्दी गर्भवती होती हैं।
- ● नागकेसर और सुपारीपाक चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर नित्य सेवन करें।
[61]