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सम्पूर्ण चिकित्सा

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Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

DevanagariHindipublished115 पृष्ठ

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गाय के गोबर और गोमूत्र एक ऐसी विशिष्ट दवा हैं जो इस प्रकार के आपात अवस्था में देने पर फौरेन अपना प्रभाव उत्पन्न करती है चाहे डॉक्टर कितना ही चिल्लाये आप किसी देशी बछड़ी का गोमूत्र और गोबर लेकर आपस में मिलाइये और उसका रस निकाल कर माँ को चार चार घंटे के अंतर में 3 बार पिला दीजिए पेट में उल्टा बच्चा भी सीधा हो जाता है और बिना किसी दर्द बच्चा बाहर आ जाता है लेकिन ये दवा 9 महीना पूरा होने के बाद होने वाले प्रसव में ही काम आती है उससे पहले ये अगर बच्चा 7-8 महीने में होता है तो ये दवा इतना काम नहीं करती है।

ये रुकी हुई प्रसव पीड़ा को पुनः प्रारंभ करती है, शिशु जन्म को सरल बनाती है, तथा गर्भ में शिशु की स्थिति को भी पुनः सही कर देती है।

❖ दमा, अस्थमा, ब्रोन्कियल अस्थमा

  • ● आधा कप देशी गाय का गोमूत्र सुबह पीने से दमा अस्थमा, ब्रोन्कियल अस्थमा सब ठीक होता है, और गोमूत्र पीने से टीबी भी ठीक हो जाता है, लगातार पांच छह महीने पीना पड़ता है।
  • ● दमा अस्थमा की और एक अच्छी दवा है दालचीनी, इसका पाउडर प्रतिदिन सुबह आधे चम्मच खाली पेट गुड़ या शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ लेने से दमा अस्थमा ठीक कर देती है।

❖ शरीर पर किसी भी तरह का घाव, बहुत गंभीर चोट

कुछ चोट लग जाती है, और कुछ छोटे बहुत गंभीर हो जाती है। जैसे कोई डार्बिटिक पेशेंट है चोट लग गयी तो उसका सारा दुनिया जहाँ एक ही जगह है, क्योंकि जल्दी ठीक ही नहीं होता है, और उसके लिए कितना भी चेष्टा करे डॉक्टर हर बार उसको सफलता नहीं मिलता है, और अंत में वो चोट धीरे-धीरे गँभीर (अंग का सड़ जाना) में बदल जाता है और

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