भारतकोश
सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras

आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा

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यहां पैरों के रगड़ने से तात्पर्य 'हाथ मलने' से है, अर्थात पश्चाताप करने से है। बुद्धिमान व्यक्ति खाद्य-सामग्री और धन-धान्य का संग्रह अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए अर्थात परोपकार के लिए करते हैं, जरूरतमंदों को देने के लिए करते हैं और अपनी इस परोपकारी भावना से संसार में अपना नाम अमर कर जाते हैं। इस प्रकार यहां आचार्य चाणक्य ने दान के महत्व का प्रतिपादन किया है। 126