भारतकोश
सांख्य दर्शन (सांख्य-प्रवचन सूत्र व हिन्दी व्याख्या सहित)

सांख्य दर्शन (सांख्य-प्रवचन सूत्र व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sankhya Darshana with Hindi Commentary

महर्षि कपिल द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished81 पृष्ठ

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हिन्दी सांख्य दर्शन ( ३५ ) निमित्त नैमित्तिक अनैश्वर्य से सर्वत्र इच्छा का विघात बन्ध चित्र का० ४४-४५

बन्धअधिकारीफलकालव्यवस्था
प्राकृतॐ प्रकृति का उपासकप्रकृतिलयएककल्पॐ प्रकृति को आत्म बुद्धि से उपासना करने वाला
वैइन्द्रिय में आत्मबुद्धि से चिन्तन करने वालाविगतज्वरतादश मन्वन्तर
काबुद्धिको आत्मबुद्धि से उपासना करनेवालाबुद्धिमेंलय१० सहस्र
रिअहंकार को आत्मबुद्धि से उपासना करने वालाअहंकार में लय१ सहस्र
पृथिवीआदि भूतोंमें आत्मबुद्धि सेउपासकभूतलय१००
दाक्षिणिकइष्टापूर्तकारी (यज्ञानुष्ठानकारी)स्वर्गविधि कहा गयाकाल
(८)ईश्वरापर्ण बुद्धि से इष्टापूर्तकारीक्रममुक्तिक्रम यह है कि- पहिले निष्काम कर्म, फिर उससे अन्तःकरणशुद्धि, फिर तत्त्वज्ञान, फिर मोक्ष ।