संतति शास्त्र

संतति शास्त्र
Santati Shastra
पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा
स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)
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| विषय | पृष्ठ |
|---|---|
| ५६ अवयजीवी और दीर्घजीवी सन्तान कैसे होती है ? | २२६ |
| ५७ वच्चा कितने दिनोंमें उत्पन्न होता है ? | २३२ |
| ५८ तत्काल वच्चा जननेवाली स्त्रीके लक्षण | २३३ |
| ५९ वचकेकी पैदाइशके समयका कर्तव्य | २३४ |
| ६० जन्म लेनेपर वचको दूध कब पिलाना चाहिये ? | २४८ |
| ६१ वच्चोंकी तौल | २५० |
| ६२ धाय कैसी होनी चाहिये ? | २५२ |
| ६३ वच्चा उत्पन्न होनेके कितने दिन बाद संयोग करना चाहिये ? | २५४ |
| ६४ वच्चोंका मल-भूत्र और नींद | २५५ |
| ६५ वच्चोंको किस तरह और कितना दूध पिलाना चाहिये ? | २५६ |
| ६६ वच्चोंकी शानेन्डिय | २६५ |
| ६७ स्त्री और पशुओंके दूधका अन्तर | २६५ |
| ६८ दूध कैसे विगडता है ? | २६७ |
| ६९ स्तनोंके रोग | २७१ |
| ७० वच्चोंको कैसे छुलाना चाहिये ? | २७७ |
| ७१ वच्चा होनेके कितने दिन बाद गर्भधारण होना चाहिये ? | २७९ |