संतति शास्त्र
Santati Shastra
पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा
स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)
पृष्ठ 47, कुल 302 में से
संदर्भ में पढ़ें२६
सन्तति-शास्त्र ।
६. वच्चा पैदा होते समयकी कठिनता सं ।
१०. रक्त विकार और अनेक असावधानियां सं ।
पेसी सूजन पाँच जगह पर होती है, जिसके अलग अलग अनेक लक्षण होते हैं ।
१ गर्भाशय के अगले भाग में नीचे की ओर सूजन के लक्षण ।
१ तेज ज्वर का होना ।
२ कै और दस्तों का प्रकोप ।
३ सर में दर्द होना ।
४ तालू और पेट्टू में पीड़ा ।
२ गर्भाशय के अगले भाग में नीचे की ओर की सूजन के लक्षण ।
१ सूत्र का कठिनता सं आना ।
२ सूत्र का रुक रुक कर दर्द के साथ उतरना ।
३ गर्भाशय के अन्त में ऊपर की ओर सूजन के लक्षण ।
१ दोनों निचलों के बीच की ओर पीठ में दर्द ।
२ दोनों पैरों में भडकन और तालू में जलन ।
४ गर्भाशय के अन्त में नीचे की ओर सूजन के लक्षण ।
१ दस्त में रक्तावष्ट का होना ।
२ अधोवायु की रक्तावष्ट ।
५ गर्भाशय के दोनों वगल में सूजन के लक्षण ।
१ दोनों कोखों में दर्द का होना ।
२ दोनों तित्थों में पीड़ा ।
ऊपर लिखे हुए लक्षण अलग अलग तो होते ही हैं, परंतु नीचे लिखे हुए लक्षण हर अवस्था में होते हैं—
१. गलेका सूख जाना ।
२. रजोधर्म में रक्तावष्ट होना ।
३ निर्बलता और हाथ पैरों में जलन ।