सत्यार्थ प्रकाश (महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती विरचित)

सत्यार्थ प्रकाश (महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती विरचित)
Satyarth Prakash - Swami Dayananda Saraswati
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा
DevanagariHindipublished480 पृष्ठ
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| १० | सत्यार्थप्रकाशः |
|---|
| आर्यम्लेच्छादिव्याख्या | १८६ | माध्वलिङ्गाङ्कितब्राह्मप्रार्थनासमाजादिसमीक्षा | ३०७ |
| ईश्वरस्य जगदाधारत्वम् | १८७ | आर्यसमाजविषयः | ३१२ |
| नवमसमुल्लासः | १९२-२१२ | तन्त्रादिविषयकप्रश्नोत्तराणि | ३१३ |
| विद्याऽविद्याविषयः | १९२ | ब्रह्मचारिसंन्यासिसमीक्षा | ३१८ |
| बन्धमोक्षविषयः | १९५ | आर्यावर्त्तीयराजवंशावली | ३२१ |
| दशमसमुल्लासः | २१२-२२३ | अनुभूमिका | ३२५ |
| आचाराऽनाचारविषयः | २१२ | द्वादशसमुल्लासः | ३२६-३७७ |
| भक्ष्याऽभक्ष्यविषयः (इति पूर्वार्द्धः) | २१८ | नास्तिकमतसमीक्षा | ३२६ |
| <center>उत्तरार्द्धः</center> | चारवाकमतसमीक्षा | ३२७ | |
| अनुभूमिका | २२४ | चारवाकादिनास्तिकभेदाः | ३२८ |
| एकादशसमुल्लासः | २२५-३२४ | बौद्धसौगतमतसमीक्षा | ३३० |
| आर्यावर्त्तदेशीयमतमतान्तरखण्डनमण्डनविषयः | २२५ | जैनबौद्धयोरैक्यम् | ३३७ |
| मन्त्रादिसिद्धिनिराकरणम् | २२६ | आस्तिकनास्तिकसंवादः | ३४० |
| वाममार्गनिरकरणम् | २३० | जगतोऽनादित्वसमीक्षा | ३४४ |
| अद्वैतवादसमीक्षा | २३६ | जैनमते भूमिपरिमाणम् | ३४६ |
| भस्मरुद्राक्षतिलकादिसमीक्षा | २४४ | जीवादन्यस्य जडत्वं पुद्गलानां | |
| वैष्णवमतसमीक्षा | २४७ | पापे प्रयोजकत्वं च | ३४८ |
| मूर्तिपूजासमीक्षा | २५० | जैनधर्मप्रशंसादिसमीक्षा | ३५० |
| पञ्चायतनपूजासमीक्षा | २५७ | जैनमतमुक्तिसमीक्षा | ३६३ |
| गयाश्राद्धसमीक्षा | २५९ | जैनसाधु-लक्षणसमीक्षा | ३६६ |
| जगन्नाथतीर्थसमीक्षा | २६० | जैन (२४) तीर्थङ्कर व्याख्या | ३७१ |
| रामेश्वरसमीक्षा | २६१ | जैनमते जम्बूद्वीपादिविस्तारः | ३७३ |
| कालियाकान्तसोमनाथादिसमीक्षा | २६२ | अनुभूमिका | ३७८ |
| द्वारिकाज्वालामुखीसमीक्षा | २६३ | त्रयोदशसमुल्लासः | ३७९-४२२ |
| हरद्वारबदरीनारायणादिसमीक्षा | २६४ | कृश्चीनमतसमीक्षा | ३७९ |
| गङ्गास्नानादिसमीक्षा | २६६ | लैव्यव्यवस्थापुस्तकम् | ३९६ |
| तीर्थशब्दस्यार्थः | २६७ | गणनापुस्तकम् | ३९८ |
| गुरुमाहात्म्यसमीक्षा | २६७ | समूएलाख्यस्य द्वितीयं पुस्तकम् | ३९८ |
| अष्टादशपुराणसमीक्षा | २६८ | राज्ञां पुस्तकम् | ३९९ |
| शिवपुराणसमीक्षा | २६९ | कालवृत्तस्य पुस्तकम् | ३९९ |
| भागवतसमीक्षा | २७१ | ऐयूबाख्यस्य पुस्तकम् | ४०० |
| सूर्य्यादिग्रहपूजासमीक्षा | २७६ | उपदेशस्य पुस्तकम् | ४०० |
| और्ध्वदेहिक-दानादिसमीक्षा | २७८ | मत्तीरचितं इज्जीलाख्यम् | ४०० |
| एकादश्यादिव्रतसमीक्षा | २८३ | मार्करचितं इज्जीलाख्यम् | ४१२ |
| मारणमोहनोच्चाटनवाममार्गसमीक्षा | २८७ | लूकरचितं इज्जीलाख्यम् | ४१२ |
| शैवमतसमीक्षा | २८७ | योहनरचितसुसमाचारः | ४१२ |
| शाक्तवैष्णवमतसमीक्षा | २८८ | योहनप्रकाशितवाक्यम् | ४१४ |
| कबीरपन्थसमीक्षा | २९२ | अनुभूमिका | ४२३ |
| नानकपन्थसमीक्षा | २९३ | चतुर्दशसमुल्लासः | ४२४-४७४ |
| दादूपन्थसमीक्षा | २९५ | यवनमतसमीक्षा | ४२४ |
| गोकुलिगोस्वामिमतसमीक्षा | २९७ | स्वमन्तव्यामन्तव्यविषयः | ४७५-४८० |
| स्वामिनारायणमतसमीक्षा | ३०३ | <center>इति।</center> |