सत्यार्थ प्रकाश (महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती विरचित)
Satyarth Prakash - Swami Dayananda Saraswati
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें८ सत्यार्थप्रकाशः
॥ ओ३म् ॥
६९वें संस्करण का प्रकाशकीय
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है 'आर्ष साहित्य-प्रचार ट्रस्ट' का मुख्य उद्देश्य है “महर्षि दयानन्द कृत ग्रन्थों—आर्ष साहित्य का प्रचार और प्रसार।” अपने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 'ट्रस्ट' निःस्वार्थ सेवाभाव से साहित्य का प्रकाशन करके लागत मात्र पर अथवा उससे भी कम मूल्य पर जिज्ञासु पाठकों तक पहुंचाता है। 'महर्षि' के साहित्य को बिना किसी प्रक्षेप के मूल रूप में प्रकाशित करना ट्रस्ट की अपनी यह अलग पहचान है ।
प्रस्तुत संस्करण से पूर्व 'ट्रस्ट' सत्यार्थप्रकाश के ६८ संस्करण प्रकाशित कर ९,४३,६५० सत्यार्थप्रकाश पाठकों तक पहुंचा चुका है, जो कि अपने आप में एक कीर्तिमान है। ऋषि के मिशन को ध्यान में रखते हुए इसका मूल्य लागत से भी कम रखा गया है। और निश्चय ही इसका सकारात्मक परिणाम हम सब के सामने है।
पाठकों की अत्यधिक मांग थी कि सत्यार्थप्रकाश की भी कम्पोजिंग कम्प्यूटर से करायी जाये। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सर्वथा नवीन रूप में उत्तम कागज एवं सुन्दर जिल्द में यह '६९ वां संस्करण' पाठकों की सेवा में उपस्थित करते हुए हम अतीव हर्ष व सन्तोष का अनुभव कर रहे हैं।
आशा है, महर्षि भक्त वैदिक धर्मानुरागी पाठकवृन्द इस संस्करण से लाभान्वित होंगे।
विनीत :
धर्मपाल आर्य
मन्त्री, आर्ष साहित्य-प्रचार ट्रस्ट