भारतकोश
सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)

राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (उद्गम)

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

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सौन्दर्यरक्षक आभ्यंतर प्रयोग

सौन्दर्यरक्षक पाक

जो स्त्रियाँ किसी बीमारी के बाद कमजोरी की शिकार हो गई हों और सौन्दर्य नष्ट हो गया हो, उन्हें यह पाक निम्न अनुसार बनाकर सेवन करने से लाभ मिल जाता है—

सोंठ—डेढ़ तोला, काला जीरा—1 तोला, विधारा—डेढ़ तोला, चव्य—1 तोला, अकरकरा— डेढ़ तोला, तेजपात—1 तोला, धनिया—डेढ़ तोला, सफेद जीरा—डेढ़ तोला, बरियारी की जड़—2 तोला, इलायची—2 तोला, चित्रक—2 तोला, पीपल—1 तोला, जावित्री—1 तोला, त्रिफला—2 तोला, नागकेसर—डेढ़ तोला, गोदुग्ध 5—सेर, चीनी—ढाई सेर तथा गाय का घी तीन—पाव।

निर्माणविधि— पहले दूध को इतना पकाइए कि आधा रह जाए। इसके बाद इसमें सोंठ पीसकर मिला दें। मावा बन जाने पर सभी औषधियों को कपडछन चूर्ण करके इसमें मिला दें तथा एक पाव घी में सेंकें, बाद में शेष घी मिला दें। औषधियाँ अच्छी तरह एकसार हो जाएं तो चीनी की चाशनी बनाकर इसमें डालें तथा पिशता, बादाम, नारियल, चिरोंजी आदि मेवे मिलाकर जमा दें।

इसे 1 तोला से लेकर 5 तोला तक पाचनशक्ति के अनुसार सबेरे—शाम दूध से सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से चुस्ती—फुर्ती, प्रसन्नता तथा पूरे शरीर में सुंदरता का संचार होता है। यह योग भूख की कमी, क्षय, पांडु, कमरदर्द, नेत्रों की कमजोरी, प्रदर आदि अन्यान्य रोगों को भी ठीक करने में समर्थ है। इसे पुरुष भी सेवन कर सकते हैं।

— — — — — एक पाव दूध में असली केसर की चार—पाँच पंखुडियाँ तथा एक छोटी इलाइची डालकर उबालें तथा नियमित सर्दियों में दो—तीन माह पिएं। इससे त्वचा की रंगत निखरती है।

— — — — — आँवले का मुरब्बा 25 ग्राम नित्य तीन—चार माह खाने से वर्ण सुधरता है।

— — — — — गाजर व चुकन्दर का रस एक गिलास एक माह तक पीने से रक्त शुद्ध होता है तथा वर्ण निखरता है।

— — — — — अंगूर, किशमिश व मुनकके के सेवन से रंग साफ होता है।

— — — — — टमाटर, मूली, गाजर, चुकन्दर, प्याज, पतागोभी आदि को सलाद के रूप में सेवन करने से त्वचा स्वस्थ बनती है।

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