भारतकोश
सेहत संजीवनी

सेहत संजीवनी

Sehat Sanjivani

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)

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सेहत संजीवनी

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  • □ श्वास रोग को मिटाता है।
  • □ प्रमेह को रोगी को अच्छा करता है।
  • □ अतिसार को आराम करता है।
  • □ खाँसी को दूर करता है।
  • □ 12 ग्राम जायफल, 12 ग्राम पीपली, 12 ग्राम लवंग, 35 ग्राम बहेड़ा, 120 ग्राम अदरक, 25 ग्राम मिर्च-सबको कूटपीसकर मिला लें। फिर दवा के बराबर मात्रा में चीनी मिला लें।
  • □ खाँसी को ठीक करती है।
  • □ श्वास को नष्ट करती है।
  • □ मन्दाग्नि को दूर करती है।
  • □ संग्रहणी रोग का नाश करती है।

अमलबेत चूर्ण

  • □ 1 पैसा भर पीपल, 1 पैसा भर सेंधा नमक, 2 पैसा भर काला जीरा, 2 पैसा भर इलायची, 1 पैसा भर सोन्चर नमक, 1 पैसा भर समुद्र नमक, 2 पैसा भर पत्रज, 1 पैसा भर अनारदाना, 2 पैसा भर खुरासानी अजवाइन, 2 पैसा भर कलौंजी, 1 पैसा भर अदरक, 1 पैसा भर मिर्च, 2 पैसा भर तिल, 2 पैसा भर पीपरमूल, 2 पैसा भर नागकेसर, 1 पैसा भर लौंग, 3 पैसा भर त्रिफला, 2 पैसा भर कलौंजी, 1 पैसा भर मूली के बीज सबको कूटपीसकर चूर्ण कर लें। फिर अमलबेत की गिरी चीरकर चूर्ण को उसमें भरे। फिर खाली होने लगे तो नींबू नचौड़ते जाएँ। डेढ़ दिन तक सुखाएँ। 3 ग्राम यह दवा खाएँ।
  • □ पेट के सब रोग दूर होते हैं।
  • □ हाजम की बहुत बढ़िया दवा है।