भारतकोश
शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

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186 शार्ङ्गधरसंहिता [ मध्यमखण्डे वक्तव्य—आवश्यकतानुसार क्षार को चूर्ण रूप में प्रस्तुत | घोलकर रख दिया जाता है, तो क्षार भाग जल में घुल जाता कर लिया जाता है अथवा द्रव रूप में, इसका विस्तृत विवरण | है, राख नीचे बैठ जाती है और जल को वाष्पीकरण विधि से सु० सू० अ० 11 में देखें। क्षार की भस्म को जब जल में | उड़ाकर क्षार प्राप्त कर लिया जाता है। इस प्रकार वैद्यरत्न पण्डित तारादत्त त्रिपाठी के पुत्र डॉ० ब्रह्मानन्दत्रिपाठी विरचित दीपिका व्याख्या, विशेष वक्तव्यादि से संवलित शार्ङ्गधरसंहिता मध्यमखण्ड का ग्यारहवाँ अध्याय समाप्त।। 11 ।। CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA