श्री भक्तमाल (नाभादास जी कृत - प्रियादास जी टीका सहित)

श्री भक्तमाल (नाभादास जी कृत - प्रियादास जी टीका सहित)
Shri Bhaktamal of Nabhadas with Priyadas Commentary
गोस्वामी नाभादास जी / प्रियादास जी द्वारा
DevanagariHindipublished195 पृष्ठ
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सूची-पत्र
| विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|
| भूमिका | श्री सुदामा जी | २० | श्रीकृष्णजी के षोडश सखा | ३२ | |
| श्री भक्तमाल-नामावली | १ | श्री चन्द्रहास जी | २० | सप्तद्वीप के भक्त | ३२ |
| प्रसाद महिमा | २ | श्री मैत्रेय जी | २२ | जम्बूद्वीप के भक्त | ३३ |
| श्री भक्तमाल-माहात्म्य | ३ | श्री कुन्ती जी | २२ | श्वेतद्वीप के भक्त | ३३ |
| भक्त चतुष्टय लक्षण | ७ | श्री द्रोपदी जी | २२ | अष्टकुल नाग भक्त | ३४ |
| श्री भक्तमाल-वन्दना | ८ | श्री श्रुतिदेव जी | २३ | ।। इति पूर्वार्द्ध ।। | |
| सन्त-वन्दना | ८ | महर्षि श्रीवाल्मीकि जी | २४ | -अथ उत्तरार्ध- | |
| मंगलाचरण | ६ | श्वपच श्रीवाल्मीकि जी | २४ | श्री चतुःसम्प्रदायाचार्य | ३४ |
| टीका का नाम स्वरूप वर्णन | ६ | श्री रुक्मांगद जी | २५ | श्री निम्बार्काचार्य जी | ३५ |
| श्री भक्ति स्वरूप वर्णन | ६ | श्री रुक्मांगद जी की पुत्री | २५ | श्री सम्प्रदाय | ३५ |
| श्री भक्ति पंचरस वर्णन | ६ | टीका समुदाय की ... | श्रीरामानुजाचार्य जी | ३५ | |
| भगवद् प्रियता | १० | श्री हरिश्चन्द्र जी | २५ | चार दिग्गज महन्त | ३७ |
| सत्संग प्रभाव वर्णन | १० | श्री सुरथ-सुधन्वा जी | २५ | श्री लालाचार्य जी | ३७ |
| श्रीनाभाजी का वर्णन | १० | श्री शिवि जी | २६ | श्री पादपदमाचार्य जी | ३८ |
| श्री भक्तमाल स्वरूप वर्णन | १० | श्री दधीचि जी | २६ | श्री सम्प्रदाय | ३६ |
| मूल-मंगलाचरण | ११ | श्री विन्ध्यावलीजी | २६ | श्रीरामानन्दाचार्य जी | ३६ |
| आज्ञा-निरूपण | ११ | श्रीमौरध्वजजी, व श्रीताम्रध्वजजी | २६ | श्री अनन्तानन्द जी | ३६ |
| श्रीनाभाजीकी आदि अवस्था | १२ | श्री अलर्क जी | २७ | श्री रंग जी | ४० |
| चौबीस अवतार | १२ | श्री रन्तिदेवजी | २७ | पयहारी श्रीकृष्णदास जी | ४० |
| श्रीचरण-चिह्न | १२ | श्री गुह निषादजी | २७ | पयहारी जी के शिष्यगण | ४१ |
| द्वादश महाभागवत | १३ | श्री परीक्षित जी | २८ | श्री कील्हदेव जी | ४१ |
| श्रीशंकरजी | १४ | परमहंस श्रीशुकदेवजी | २८ | श्री अग्रदास जी | ४२ |
| अजामिलजी | १४ | श्री प्रह्लाद जी | २६ | श्री शंकराचार्य जी | ४२ |
| षोडश पार्षद | १५ | श्री अक्रूर जी | २६ | श्री नामदेव जी | ४३ |
| श्रीहरिवल्लभ | १५ | श्री बलि जी | २६ | श्री जयदेव जी | ४६ |
| श्रीहनुमानजी | १६ | श्री भगवद् प्रसादानिष्ठ भक्त | २६ | श्री श्रीधराचार्य जी | ४६ |
| श्रीविभीषणजी | १६ | ध्याननिष्ठ भक्त | ३० | श्री विल्वमंगल जी | ४६ |
| श्रीशबरीजी | १६ | अठारह महापुराण | ३० | श्री विष्णुपुरी जी | ५१ |
| श्रीजटायुजी | १७ | अठारह स्मृतियाँ | ३० | श्री ज्ञानदेव जी | ५२ |
| श्रीअम्बरीषजी | १७ | श्रीराम सचिव | ३१ | श्री त्रिलोचन जी | ५३ |
| श्रीअम्बरीषजी की छोटी रानी | १८ | श्रीराम सहचरवर्ग | ३१ | श्री वल्लभाचार्य जी | ५४ |
| श्री विदुरानी जी | १६ | नवनन्द | ३१ | श्री कुलशेखर जी | ५४ |
| श्री विदुर जी | १६ | समस्त ब्रजवासीगण | ३२ | श्री लीलानुकरण जी | ५५ |