श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस
Shri Ramcharitmanas
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| ४०- राजा दशरथका पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियोंका | |||
| गर्भवती होना..... | १९० | ५९- बारातका जनकपुरमें आना | |
| और स्वागतादि ..... | २८८ | ||
| ४१- श्रीभगवान्का प्राकट्य और | |||
| बाललीलाका आनन्द ..... | १९२ | ६०- श्रीसीता-राम-विवाह ..... | ३०६ |
| ४२- विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम- | |||
| लक्ष्मणको माँगना ..... | २०५ | ६१- बारातका अयोध्या लौटना और | |
| अयोध्यामें आनन्द..... | ३२६ | ||
| ४३- विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा ..... | २०८ | ६२- श्रीरामचरित सुनने-गानेकी महिमा... | ३४१ |
| ४४- अहल्या-उद्धार..... | २०९ | अयोध्याकाण्ड | |
| ४५- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका | |||
| जनकपुरमें प्रवेश..... | २११ | ६३- मंगलाचरण ..... | ३४३ |
| ४६- श्रीराम-लक्ष्मणको देखकर जनकजीकी | |||
| प्रेम-मुग्धता ..... | २१३ | ६४- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी | |
| व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे | |||
| उनकी प्रार्थना ..... | ३४८ | ||
| ४७- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण... २१६ | २१६ | ६५- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, | |
| कैकेयी-मन्थरा-संवाद ..... | ३५३ | ||
| ४८- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका | |||
| प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका | |||
| परस्पर दर्शन ..... | २२३ | ६६- कैकेयीका कोपभवनमें जाना ..... | ३६२ |
| ४९- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं | |||
| वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद २२९ | २२९ | ६७- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ- | |
| शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और | |||
| वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें | |||
| भेजना ..... | ३६४ | ||
| ५०- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका | |||
| यज्ञशालामें प्रवेश ..... | २३५ | ६८- श्रीराम-कैकेयी-संवाद ..... | ३७७ |
| ५१- श्रीसीताजीका यज्ञशालामें | |||
| प्रवेश ..... | २४२ | ६९- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध- | |
| वासियोंका विषाद, कैकेयीको | |||
| समझाना ..... | ३८१ | ||
| ५२- बन्दीजनोंद्वारा जनकप्रतिज्ञाकी | |||
| घोषणा ..... | २४३ | ७०- श्रीराम-कौसल्या-संवाद ..... | ३८७ |
| ५३- राजाओंसे धनुष न उठना, | |||
| जनककी निराशाजनक वाणी ..... | २४४ | ७१- श्रीसीता-राम-संवाद..... | ३९४ |
| ५४- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध ..... | २४५ | ७२- श्रीराम-कौसल्या-सीता-संवाद ..... | ४०० |
| ५५- धनुषभंग ..... | २५२ | ७३- श्रीराम-लक्ष्मण-संवाद ..... | ४०२ |
| ५६- जयमाल पहनाना ..... | २५५ | ७४- श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद ..... | ४०४ |
| ५७- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद २६० | २६० | ७५- श्रीरामजी, लक्ष्मणजी, सीताजीका | |
| महाराज दशरथके पास विदा माँगने | |||
| जाना, दशरथजीका सीताजीको समझाना . | ४०६ | ||
| ५८- दशरथजीके पास जनकजीका | |||
| दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका | |||
| प्रस्थान ..... | २७३ | ७६- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन | |
| और नगर-निवासियोंको सोये | |||
| छोड़कर आगे बढ़ना ..... | ४०९ |