श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस
Shri Ramcharitmanas
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| ७७- श्रीरामका शृङ्गवेरपुर पहुँचना, | |||
| निषादके द्वारा सेवा ..... | ४१५ | ९५- भरद्वाजद्वारा भरतका सत्कार ..... | ५२० |
| ७८- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम- | |||
| सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका | |||
| लौटना ..... | ४१८ | ९६- इन्द्र-बृहस्पति-संवाद ..... | ५२४ |
| ७९- केवटका प्रेम और गङ्गा-पार जाना . | ४२६ | ९७- भरतजी चित्रकूटके मार्गमें ..... | ५२७ |
| ८०- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, | |||
| यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम ..... | ४३० | ९८- श्रीसीताजीका स्वप्न, श्रीरामजीको | |
| कोल-किरातोंद्वारा भरतजीके | |||
| आगमनकी सूचना, रामजीका शोक, | |||
| लक्ष्मणजीका क्रोध ..... | ५३१ | ||
| ८१- तापस-प्रकरण ..... | ४३५ | ९९- श्रीरामजीका लक्ष्मणजीको समझाना | |
| एवं भरतजीकी महिमा कहना ..... | ५३६ | ||
| ८२- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम . | ४३६ | १००- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, | |
| चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका | |||
| परस्पर मिलाप, पिताका शोक | |||
| और श्राद्ध ..... | ५३७ | ||
| ८३- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद ..... | ४४७ | १०१- वनवासियोंद्वारा भरतजीकी मण्डलीका | |
| सत्कार, कैकेयीका पश्चात्ताप ..... | ५५१ | ||
| ८४- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके | |||
| द्वारा सेवा ..... | ४५४ | १०२- श्रीवसिष्ठजीका भाषण ..... | ५५५ |
| ८५- सुमन्त्रका अयोध्याको लौटना और | |||
| सर्वत्र शोक देखना ..... | ४६२ | १०३- श्रीराम-भरतादिका संवाद ..... | ५६० |
| ८६- दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण . | ४६७ | १०४- जनकजीका पहुँचना, कोल- | |
| किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर | |||
| मिलाप ..... | ५७१ | ||
| ८७- मुनि वसिष्ठका भरतजीको बुलानेके | |||
| लिये दूत भेजना ..... | ४७३ | १०५- कौसल्या-सुनयना-संवाद, | |
| श्रीसीताजीका शील ..... | ५७८ | ||
| ८८- श्रीभरत-शत्रुघ्नका आगमन | |||
| और शोक ..... | ४७४ | १०६- जनक-सुनयना-संवाद, | |
| भरतजीकी महिमा ..... | ५८४ | ||
| ८९- भरत-कौसल्या-संवाद और | |||
| दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया ..... | ४७९ | १०७- जनक-वसिष्ठादि-संवाद, इन्द्रकी | |
| चिन्ता, सरस्वतीका इन्द्रको | |||
| समझाना ..... | ५८७ | ||
| ९०- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको | |||
| लानेके लिये चित्रकूट जानेकी | |||
| तैयारी ..... | ४८४ | १०८- श्रीराम-भरत-संवाद ..... | ५९२ |
| ९१- अयोध्यावासियोंसहित श्रीभरत- | |||
| शत्रुघ्न आदिका वनगमन ..... | ४९६ | १०९- भरतजीका तीर्थ-जल-स्थापन तथा | |
| चित्रकूटभ्रमण ..... | ६०३ | ||
| ९२- निषादकी शङ्खा और सावधानी ..... | ४९९ | ११०- श्रीराम-भरत-संवाद, पादुका-प्रदान, | |
| भरतजीकी विदाई ..... | ६०६ | ||
| ९३- भरत-निषाद-मिलन और संवाद एवं | |||
| भरतजीका तथा नगरवासियोंका प्रेम | ५०३ | ||
| ९४- भरतजीका प्रयाग जाना और | |||
| भरत-भरद्वाज-संवाद ..... | ५१२ |