शृंगार शतक

शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
Devanagarihipublished544 पृष्ठ
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( ९ ) शरद-ऋतु की चाँदनी रात में, रति-श्रम से थकी हुई प्यारी के हाथों से लाई हुई झारी का जल पीते हुए महाराज भर्तृहरि ।