शृंगार शतक

शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
Devanagarihipublished544 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 229
शुद्धारशतक
मतवाले हाथी का मस्तक विदारनेवाले और बलवान सिंहको मारनेवाले बहुत हैं ; परन्तु कामदेव का गर्व खर्व करनेवाले, स्त्री से हार न खानेवाले कोई मिले ही हैं । इस चित्रमें यह दिखाया गया है