शृंगार शतक

शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
Devanagarihipublished544 पृष्ठ
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( १७ ) कल्पलता बाहर की तिदरी में आकर खड़ी है ; उसके सिर के बाल बिखर रहे हैं और धोती बिल्कुल खुली हुई है ।