भारतकोश
शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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भृङ्गारशतक

उस नीचे सखीने अपनी सखीकी ऐसी भयानक पापपूर्ण बात सुनकर उसे जघन्य कर्मसे रोक़ा तो नहीं ; फौरन ही नीचे उतरी और उसे बुलाकर महलमें ले आई । उस पुरुषने कन्दपंकलाकी बातें सुनें उसको शान्ति की ।

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