शृंगार शतक

शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
Devanagarihipublished544 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 408
भृङ्गारशतक
उस नीचे सखीने अपनी सखीकी ऐसी भयानक पापपूर्ण बात सुनकर उसे जघन्य कर्मसे रोक़ा तो नहीं ; फौरन ही नीचे उतरी और उसे बुलाकर महलमें ले आई । उस पुरुषने कन्दपंकलाकी बातें सुनें उसको शान्ति की ।
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