शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
पृष्ठ 502, कुल 544 में से
संदर्भ में पढ़ेंमनुष्य भावके पास रहने योग्य
तीन अनमोल ग्रन्थरत्न ।
१ स्वास्थयरक्षा ।
भारतमें ऐसे हिन्दी-पढ़े-लिखे मनुष्य बहुत कम होंगे, जोंने बाबू हरिदास वैद्य-लिखित “स्वास्थयरक्षा” की कम-से-तारीफ़ न सुनी हो । आज तक इस ग्रन्थके पाँच-पाँच और तीन हजारके आठ संस्करण हो चुके । राजा-महाराजा, सेठ-कार, जज-वकील, प्रोफेसर-माधुर और विद्यार्थी, स्त्री और ल, बालक, जवान और बूढ़े, अमीर-उमरा और गरीब किसान के यहाँ यह अमूल्य ग्रन्थ जा पहुँचा है । देशका इस ग्रन्थने ना उपकार किया है, कितने जीवोंकी प्राणरक्षा की है, जने नौजवान उठती उमरके पढ़ोंको इसने कुराहसे हटाकर ह पर लगाया है, इसको हम अपनी क़लमसे लिखना अच्छा समझते । आप जिस हिन्दी-पढ़े-लिखेसे पूछियेगा, वही गा कि, “स्वास्थयरक्षा” वास्तवमें “स्वास्थयरक्षा” ही है । उसका नाम है, वैसे ही उसमें गुण हैं । अगर आप सदा निरोग रहना चाहते हैं, अगर आप पूर्ण भोगते हुए सुखसे जिन्दगीका बेड़ा पार करना चाहते हैं,