शृंगार शतक

शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
Devanagarihipublished544 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 90
पुस्तकपालन
इस लोक में जन्म लेकर पृथ्वी की परीक्षा के निरपेक्ष संवेग करने चाहिये अथवा आपसमें जो समझ से युक्तताओं हुई विचारधाराओं बसणीं किसी के निमज्ज । [ पृष्ठ ४५ ]
Popular Press - Calcutta.