शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)
Shukra Niti of Shukracharya Hindi
महर्षि शुक्राचार्य द्वारा
स्रोत: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (उद्गम)
पृष्ठ 175, कुल 526 में से
संदर्भ में पढ़ेंद्वितीयोऽध्यायः [८१]
भर्तुरर्द्धासने दृष्टिं कृत्वा नान्यत्र निक्षिपेत् ।
**भृत्य का राजसमीपावस्थान करने पर कर्त्तव्य—**उसके (स्थान बताने के) बाद पुनः राजगृह (राजसभा) में जाकर राजा की आज्ञा पाने पर उसके समीप जावे । और जगत् के रक्षार्थ दूसरे विष्णु भगवान के समान स्थित राजा को नियमानुकूल प्रणाम करे और राजसभा में पहुँचकर भृत्यों के प्रति अनुराग रखनेवाले एवं उनके हृदय को पहचाननेवाले राजा के अर्द्धासन की ओर स्थिर-दृष्टि होकर देखता रहे और किसी अन्य तरफ दृष्टि न दौड़ावे ।
अग्निं दीप्तमिवासीदेद्राजानमुपशिक्षितः ॥ २१५ ॥
आशीविषमिव क्रुद्धं प्रभुं प्राणधनेश्वरम् ।
जलती हुई अग्नि के समान एवं क्रुद्ध विषधर सर्प की भांति प्राण तथा धन लेने में समर्थ राजा को समझ कर अत्यन्त विनय के साथ उसके समीप जावे ।
यत्नेनोपचरेन्नित्यं नाहमस्मीति चिन्तयेत् ॥ २१६ ॥
समर्थयंश्च तत्पक्षं साधु भाषेत भाषितम् ।
तन्नियोगेन वा ब्रूयादर्थं सुपरिनिश्चितम् ॥ २१७ ॥
**राजा के पक्ष की पुष्टि करने का निर्देश—**और नित्य यत्न के साथ राजा की सेवा करे और 'राजा के आगे मेरी कोई स्वतन्त्र सत्ता नहीं है' ऐसा सोचे एवं राजा के पक्ष का ही समर्थन करता हुआ सन्तोषजनक बात कहे । अथवा राजा की आज्ञा पाने पर लोक-शास्त्र से सुनिश्चित बात कहे ।
सुखप्रबन्धगोष्ठीषु विवादे वादिनां मतम् ।
विजानन्नपि नो ब्रूयाद्भर्तुः क्षिप्तोत्तरं वचः ॥ २१८ ॥
**राजाज्ञा से विवादियों के मत को युक्ति से बोलने का निर्देश—**मनोविनोदार्थ प्रस्तुत राजगोष्ठी में परस्पर तर्क करनेवालों के विवाद उपस्थित होने पर सिद्धान्त बात को जानते हुये भी वादी रूप में बोलनेवाले राजा के उत्तर को काटकर कोई वचन न बोले ।
सदाऽनुद्धतवेषः स्यान्नृपाहूतस्तु प्राञ्जलिः ।
तद्वां कृतनतिः श्रुत्वा वस्त्रान्तरितसम्मुखः ॥ २१९ ॥
तदाज्ञां धारयित्वादौ स्वकर्माणि निवेदयेत् ।
नत्वाऽऽसीतासने प्रह्वो न तत्पार्श्वे न संमुखे ॥ २२० ॥
उच्चैः प्रहसनं कासं ष्ठीवनं कुत्सनं तथा ।
जृम्भणं गात्रभङ्गं च पर्वास्फोटं च वर्जयेत् ॥ २२१ ॥
**राजा से स्वकार्य निवेदन-प्रकार तथा जोर से हँसने आदि का निषेध—**राजा के बुलाने पर सदा विनीत के समान वेष बनाये हुये हाथ जोड़े और