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शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

Shukra Niti of Shukracharya Hindi

महर्षि शुक्राचार्य द्वारा

स्रोत: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished526 पृष्ठ

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पृष्ठ 302
२१६शुक्रनीतिः

की बछुरुवेवाली गौ यदि अच्छा दूध देनेवाली हो तो उसका मूल्य १ पल (४ तोला) चांदी है।

अजायाश्च गवाद्धं स्यान्मेष्या मूल्यमजार्धकम् ।
**बकरी आदि के मूल्य का प्रमाण—**और बकरी का मूल्य गौ के मूल्य से आधा होता है तथा भेड़ी का मूल्य बकरी से आधा होता है।

दृढस्य युद्धशीलस्य पलं मेषस्य राजतम् ॥ ६४ ॥
दृढ़ शरीरवाला एवं लड़ने में निपुण भेड़े का मूल्य एक पल चांदी है।

दश वाऽष्टौ पलं मूल्यं राजतं तूत्तमं गवाम् ।
पलं मेष्या अवेर्वापि राजतं मूल्यमुत्तमम् ॥ ९५ ॥
गवां समं सार्धगुणं महिष्या मूल्यमुत्तमम् ।
**गौ आदि के उत्तम मूल्यों का निर्देश—**और गौ का उत्तम मूल्य १० या ८ पल चांदी है। भेड़ी या भेड़ का उत्तम मूल्य १ पल चांदी है। भैंस का उत्तम मूल्य गौ के बराबर या डेढ़गुना अधिक होता है।

सुशृङ्गवर्णबलिनो वोढुः शीघ्रगमस्य च ॥ ९६ ॥
अष्टतालवृषस्यैव मूल्यं षष्टिपलं स्मृतम् ।
सुन्दर सींग तथा वर्ण एवं बल से युक्त, बोझा ढोनेवाला तथा जल्दी २ चलनेवाला तथा आठ ताल (अंगूठा तथा मध्यमा अंगुली फैलाकर नापने से जितनी लम्बाई होती है, उसे 'ताल' कहते हैं) के बराबर ऊँचे बैल का ६० पल चांदी मूल्य होता है।

महिषस्योत्तमं मूल्यं सप्त चाष्टौ पलानि च ॥ ९७ ॥
भैंस का उत्तम मूल्य १० या ८ पल चांदी होता है।

द्वित्रिचतुःसहस्रं वा मूल्यं श्रेष्ठं गजाश्वयोः ।
उष्ट्रस्य माहिषसमं मूल्यमुत्तममीरितम् ॥ ९८ ॥
**हाथी आदि के उत्तम मूल्यों का निर्देश—**हाथी और घोड़े का श्रेष्ठ मूल्य गुणानुसार २, ३ या ४ हजार मुद्रा या पल चांदी होता है। ऊंट का उत्तम मूल्य महिष के समान ही होता है।

योजनानां शतं गन्ता चैकेनाह्नाऽश्व उत्तमः ।
मूल्यं तस्य सुवर्णानां श्रेष्ठं पञ्चशतानि हि ॥ ९६ li
**उत्तम अश्व आदि के लक्षण और मूल्य का निर्देश—**एक दिन में १०० योजन (४०० कोश) जानेवाले घोड़े उत्तम कहलाते हैं। उनका श्रेष्ठ मूल्य ५०० सुवर्ण (स्वर्णमुद्रा) होता है।

त्रिंशद्योजनगन्ता वै उष्ट्रः श्रेष्ठस्तु तस्य वै ।
पलानां तु शतं मूल्यं राजतं परिकीर्तितम् ॥ १०० ॥