शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन
Shuksaptati: Ek Alochanatmak Adhyayan
श्रीमती हिमांशु द्विवेदी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंइतिहास एवं कल्पना के आधार पर ये कथाये पुराणों में आकर वंशानुचरित से सम्बद्ध हुई हैं। विषय वैविध्य की दृष्टि से थोड़े में उपर्युक्त मानक इस प्रकार है–विष्णु परुण, यदुवंश विनाश का आख्यान, अष्टावक्र, राजावेन हिरण्यकशिपु, भरत आख्यान, सौभरि उपाख्यान, इन्द्र, दुर्वासा, निभि, वशिष्ठ, ययाति, शान्तनु आदि आख्यान।
भागवत पुराण मे–अवधूतोपाख्यान, कपोत–कपोती दृष्टान्त, तितिक्षु ब्राह्मण, भिक्षुक दृष्टान्त, कपिलदेव दृति संवाद, ऋषभोपदेश, हंसोपदेश एवं जड–भरत आदि वृत्तान्त। गरूण पुराण मे–प्रेत सम्बन्धित हजारों उपाख्यान प्राप्त होते हैं। शिव पुराण मे–दुर्वासा उत्पत्ति। मार्कण्डेय पुराण में–मदालसा उपाख्यान, पतिव्रता स्त्री एवं मान्डव्य ऋषि, सुरथ आख्यान, राजा हरिश्चन्द्र की कथा आदि।
मत्स्य पुराण में–सावित्री आख्यान, कामुकी नारी की कथा, पुरूरवा–उर्वशी, नहुष, रति और ययाति, शर्मिष्ठा, देवयानी, कार्त्तवीर्य–अर्जुन, विदर्भ, अन्धक वंश की कथा, देवापि, शान्तनु, पाण्डु–धृतराष्ट्र, कौरव–पाण्डव, जन्मेजय, लीलावती वेश्या, राजा पुष्पवाहन, त्रिपुर की कथा, हरिकेश यक्ष की कथा आदि। वामन पुराण में–कूर्मावतार प्रसङ्ग, प्रहलाद, अन्धक एवं कलियुग वृतान्त लिङ्ग पुराण में–श्वेत मुनि का जन्म, दधीचि आख्यान, त्रिपुरासर वध, जलन्धर वध आदि। स्कन्ध पुराण में–दक्ष यज्ञ, शिव–लिङ्गार्चन, समुद्रमन्थन, पार्वती आख्यान, पशुपति आख्यान, चण्डिका, कुमार महात्म्य, नारद समागम, महिषासुर आख्यान, त्रिशंकु, विश्वामित्र मोह एवं एकादश रूद्रों का महात्म्य आदि।
भविष्य पुराण में–कृष्ण–पुत्र शाम्ब की कथा।
ब्रह्माण्ड पुराण में–रामायण की कथा, पार्वती आख्यान, शिव–पार्वती विवाह, दक्ष–यज्ञ विध्वंस, कृष्ण, शिव एवं राम की कथायें समुपलब्ध हैं।
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