भारतकोश
सिद्धान्तशिरोमणि: गोलाध्याय (भास्कराचार्य - मरीचि भाष्य एवं पं. केदारदत्त जोशी सविस्तार व्याख्या)

सिद्धान्तशिरोमणि: गोलाध्याय (भास्कराचार्य - मरीचि भाष्य एवं पं. केदारदत्त जोशी सविस्तार व्याख्या)

Siddhanta Shiromani Goladhyaya with Marichi Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (भाष्यकार: मुनीश्वर / केदारदत्त जोशी) द्वारा

DevanagariHindipublished723 पृष्ठ

पृष्ठ 321, कुल 723 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 321

ज्योत्पत्तिवासना २१९ द्विगुणज्या भु १̇ ज्या २ अर्ध भु १̇ ज्या २ वर्गेण भुव १ भुज्या ४ ज्याव ४ पूर्वभुज- २          ४ वर्गो भुव १ हीनो जातो लम्बवर्गः । भुव ३ भु ज्या ४ ज्याव ४ । अथ लम्बाग्राद्दूरस्थित- ४ भूम्यग्रपर्यन्तं भूमिखण्डं पूर्वोक्तलघुजात्यत्र्यस्रभुज भु १̇ ज्या २ ऊनभूमिः कोटिः भू १ ज्या