सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)
Soundarya Lahari of Shankaracharya Hindi
श्रीमदादि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Soundarya Lahari with Shlokas, Yantras & Hindi Commentary (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंसौंदर्य लहरी १२१
किरणों की अधिष्ठातृ शक्तियां
अधिष्ठातृ शक्तियों के नाम शिव शक्ति के जोडे से नीचे दिये जाते हैं।
पृथिवी:— १. उड्डीश्वर, उड्डीश्वरी, २. जलेश्वर, जलेश्वरी, ३. पूर्णेश्वर, पूर्णेश्वरी, ४. कामेश्वर, कामेश्वरी, ५. श्रीकंठ, गगना, ६. अनन्त स्वरसा, ७. शंकर, मति, ८. पिंगल, पाताल देवी, ९. नारदारव्य, नादा, १०. आनन्द, डाकिनी, ११. आलम्य, शाकिनी, १२. महानन्द, लाकिनी, १३. योग्य, काकिनी, १४. अतीत, साकिनी १५. पाद, हाकिनी, १६. आधारेश, रक्ता, १७. चक्रीश, चंडा, १८. करंगीश, कराला, १९. मदधीश, महोच्छुष्मा, २०. अनादि विमल, मातंगी, २१. सर्वज्ञ विमल, पुलिन्दा, २२. योग विमल, शंवरी, २३. सिद्ध विमल, वाचापरा, २४. समय विमल, कुलालिका, २५. मित्रेश, कुब्जा, २६. उड्डीश, लघ्वा, २७. षष्ठीश, कुलेश्वरी, २८. चर्याधीश, अजा ।
जलदेवता— १. सद्योजात, माया, २. वाम देव, श्री ३. अघोर, पद्मा, ४. तत्पुरुष, अंबिका, ५. अनन्त, निवृत्ति, ६. अनाथ, प्रतिष्ठा, ७. अनाश्रित, विद्या, ८. अचिन्त्य, शान्ता, ९. शशिशेखर, उमा, १० तीव्र, गंगा, ११. मणिवाह, सरस्वती, १२. अंबुवाह, कमला, १३ तेजोधीश, पार्वती, १४ विद्यावागीश्वर, चित्रा, १५. चतुर्विधेश्वर सुकमला, १६. उमांगंगेश्वर, मानमथा, १७. कृष्णेश्वर, श्रिया, १८. श्रीकंठ, लया, १९. अनन्त, सती, २०. शंकर, रत्नमेखला, २१. पिंगल, यशोवती, २२. सादारव्य, हंसानन्दा, २३. परि-