भारतकोश
सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)

सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)

Soundarya Lahari of Shankaracharya Hindi

श्रीमदादि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Soundarya Lahari with Shlokas, Yantras & Hindi Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished415 पृष्ठ

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१२० सौंदर्य लहरी

नीचे शारदातिलक के अनुसार वर्ण माला का पाँचों तत्त्वों, छःओं चक्रों, और ईड़ा, पिंगला, और सुषुम्ना तीनों नाड़ियों से संबंध एक नकशे (chart) द्वारा दिखलाया जाता है ।

षट् चक्र
पं० महाभूतविशुद्धअनाहतमणिपूरस्वाधिष्ठानमूलाधारआज्ञागुरु चक्र
ह्रस्वदीर्घ
वायुआ, एक्च्ट्त्प्य्ष्
अग्निई, ऐख्छ्ठ्थ्फ्र्क्ष
पृथिवीऊ, ओग्ज्ड्द्ब्ल्
जलॠ, औघ्झ्ढ्ध्भ्व्
आकाशॡ, अंङ्ञ्ण्न्म्श्ह्
लिंगपुमान्स्त्रीनपुंसक
नाड़ीपिंगलाईडासुषुम्ना
वर्णभेदईडा (चन्द्र)<br>स्वराःपिंगला (सूर्य)<br>स्पर्शाःसुषुम्ना (अग्नि)<br>व्यापिकाः

अनुस्वार = पुमान्, विसर्ग = शक्ति.