भारतकोश
श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

Sri Bhashya of Bhagavad Ramanujacharya with Commentary

भगवद् रामानुजाचार्य (सम्पादक: स्वामी वासुदेवाचार्य) द्वारा

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ब्रह्म, उपादानकारणं ब्रह्मैवेत्यर्थः । कुतः ? प्रतिज्ञादृष्टान्तानुपरो- धात् । एवमेवहि प्रतिज्ञादृष्टान्तौ नोपरुध्येते । प्रतिज्ञा तावत् "स्त- ब्धोऽस्युत तमादेशमप्रोक्ष्यः येनाश्रुतं श्रुतं भवत्यमतंमतमविज्ञातं विज्ञातम्" इत्येक विज्ञानेन सर्वविज्ञानविषया । दृष्टान्तश्च- "यथा सौम्यैकेन मृत्पिण्डेन सर्वं मृन्मयं विज्ञातं स्यात् "यथा सोम्यैकेन लोहमणिना" यथा सौम्यैकेन नखनिकृन्तनेन" इति कारण- विज्ञानात् कार्यविज्ञान विषयः । यदि निमित्तकारणमेव जगतो ब्रह्म, तदा तद्विज्ञानान्न समस्तंजगद्विज्ञातं स्यात् । नहि कुलालादिविज्ञानेन घटादिर्विज्ञायते । अतः प्रतिज्ञादृष्टान्त योर्बाध एव । ब्रह्मण एवोपादानत्वे उपादानभूतमृत्पिण्डलोहमणि नखनिकृं तनविज्ञानेनघटमणिकटकमुकुटायसीपरश्वथादितत्कार्यवि - ज्ञानवन्निखिलजगदुपादानभूतेब्रह्मणिविज्ञाते तत्कार्यं निखिलं जगद्विज्ञातं स्यात् । कारणमेवावस्थान्तरान्नकार्यम्, न द्रव्यान्तरमिति कार्यकारणरूपेणावस्थितमृत्तिकादिनिदर्शनेन प्रतिज्ञासमर्थनाद् ब्रह्म जगदुपादानं चेति निश्चीयते । उक्त मत का प्रत्याख्यान करते हुए सूत्रकार सिद्धान्त रूप से "प्रकृतिश्च दृष्टान्तानुपरोधात्" सूत्र प्रस्तुत करते हैं। प्रकृतिश्च अर्थात् वह उपादान भी है। वह निमित्त कारणमात्र नहीं है उपादान कारण भी है। प्रतिज्ञा और दृष्टान्त दोनों, इसविषय में एकमत हैं। प्रतिज्ञा जैसे-"हे सौम्य ! तुम स्तब्ध हो, क्या तुमने कभी किसी प्राज्ञ से उसे जानने की इच्छा की है ? जिसे जानकर अश्रुत श्रुत, अचिन्त्य चिन्त्य, अज्ञात भी ज्ञात हो जाता है" इत्यादि में एक के ज्ञान से समस्तज्ञान की प्रतिज्ञा की गई है। दृष्टांत जैसे-"हे सौम्य ! जैसे एक मिट्टी के डेले से, संपूर्ण मिट्टी के पदार्थों का ज्ञान हो जाता है" तथा "एक लोहमणि से" एक लोहनिकृन्तन (नहन्ना) से" इत्यादि में कारण के ज्ञान से कार्य का ज्ञान होता है, ऐसे दृष्टांत दिए गए। यदि ब्रह्म, जगत का निमित्त कारण मात्र है तो उसके ज्ञान से समस्त जगत का ज्ञान नहीं हो सकता। जैसे कि कुम्हार आदि की जानकारी से घर की जानकारी नहीं हो