श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
पृष्ठ 1412, कुल 2549 में से
संदर्भ में पढ़ें[ आचार्येर-एइ श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत आचार्येर दोष नाहि 6/180 आचार्येर श्रद्धा-भक्ति 3/203 आछे दुइ-चारि जन 13/156 आजन्म करिनु मुञि 10/175 आजि कृष्णप्राप्ति-योग्य 6/234 आजि तुमि निष्कपटे 6/232 आजि मुञि अनायासे 6/230 आजि मोर श्लाघ्य 7/125 आजि से खण्डिल 6/233 आजि हैते दुँहार नाम 1/208 आज्ञा নহে, तबु करिह 11/122 आत्मनिन्दा करि' लैल 6/201 आत्मसुख-सङ्ग हैते 8/212 “आत्मा वै जायते पुत्रः” 12/56 आत्मारामश्च-श्लोके 6/194 आत्माराम' पर्यन्त करे 6/185 आत्मीय-ज्ञाने मोरे 10/57 आनन्दचिन्मयरूप रसेर 8/158 आनन्दांशे 'ह्लादिनी' 6/159, 8/154 आनुषङ्गे प्रेममय कैले 8/279 आपन-इच्छाय चले करिते 13/13 आपन-इच्छाय बुलुन, याहाँ 1/170 आपन वासार चाले 1/61 आपन-हृदय येन धरिल 12/106 आपणार दुःख-सुख ताँहा 3/185 आपनि आचरि' जीवे 1/22 आपने अयोग्य देखि' 1/204 आपने वैराग्य-दुःख 7/30 आमा उद्धारिते बली 1/199 आमा उद्धारिया यदि 1/200 आमा उद्धारिले तुमि 6/213 आमा द्रवाइले तुमि 6/214 आमा निस्तारिते तोमार 8/38 आमार आज्ञाय गुरु 7/128 आमार ठाकुर कृष्ण 9/112 आमार वचने ताँरे 7/63 आमार ब्राह्मण तुमि 9/229 आमार भाग्ये नाहि, तुमि 13/97 आमा लञा पुनः 13/131 आमि अकुलीन आर 5/22 आमि-एक वातुल 8/290 आमि कभु लोकापेक्षा 7/27 आमि कि करिब, मन 11/38 आमि कोन् क्षुद्रजीव 12/27 आमि जीव,-क्षुद्रबुद्धि 9/125 आमि त' गृहस्थ-ब्राह्मण 12/191 आमि बालक-संन्यासी 6/59 आमि वृद्ध जरातुर 2/90 आमिह तोमार स्पर्शे 8/45 आमिह संन्यासी देख 9/230 आर विप्र-युवा, ताँर 5/16 आर्य सरल विप्रेर 9/227 आलालनाथे गेला प्रभु 11/63 इ इतस्ततः भ्रमि' काँहा 8/114 इष्ट ना पाइले निज 12/31 इहलोक, परलोक तार 7/111 इँहाके चन्दन दिले 4/160 इहा आस्वादिते आर 4/195 इँहार मध्ये राधार 8/97 इँहा लोकारण्य, हाती 13/128 इँहा-सबार वश प्रभु 7/29 इहाँ हैते चल, प्रभु 1/222 इँहो केने दण्ड भाङ्गे 5/157 इँहो त' साक्षात् कृष्ण 6/200 इँहो दामोदर-स्वरूप 14/217 ई ईश्वर-इच्छाय चले, ना 13/28 ईश्वर-तत्त्वे भेद मानिले 9/155 ईश्वरपुरीर भृत्य, — 'गोविन्द' 10/132 ईश्वर-प्रेयसी सीता 9/192 ईश्वर-मन्दिरे मोर पद 12/126 ईश्वरेर कृपा जाति-कुल 10/138 ईश्वरेर कृपा নহে वेद 10/137 ईश्वरेर कृपा-लेश हयत' 6/83 ईश्वरेर कृपा-लेश नाहिक 6/86 ईश्वरेर परोक्ष आज्ञा-क्षौर 11/113 ईश्वरेर लीला-कोटिसमुद्र 9/125 ईश्वरेर श्रीविग्रह सच्चिदानन्द 6/166 उ उच्छलित करे यबे तार 14/85 उठह गोपाल' बलि' उच्चैः 12/148 उठह पूजारी, कर द्वार 4/127 उठाञा सेइ कीड़ा राखे 7/137 उठि' महाप्रभु ताँरे चापड़ 1/68 उत्तम हञा राजा करे 13/17 उद्घूर्णा-प्रलाप तैछे प्रभुर 1/87 उदय करये यदि, तबे 1/82 उन्मादे करिल तँह संन्यास 10/107 उपनिषद्-शब्दे येइ मुख्य 6/133 उपास्येर मध्ये कोन् 8/255 उलटिया आमा ना करिह 5/98 ऊ ऊषर-भूमिते येन बीजेर 6/105 ए एइ इच्छाय लज्जा पाञा 4/121 एइ कलिकाले विष्णुर् 6/94 एइ कलिकाले आर 9/362 568 ।