श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपद्य सूची ताहा-दुइ ]
ताहा देखि' महाप्रभुर मने 12/123 | तोमाके तद्रूप देखि' 10/176 | तोमार मने येइ उठे 8/132 ताहा ना करिया केने 11/111 | तोमाके ये प्रीति करे 11/26 | तोमार ये अन्यवेश, अन्य 13/146 ताहा पाञा प्राण राखे 12/34 | तोमाते ईश्वर-कृपा इथे 6/88 | तोमार ये शिष्य कहे 6/107 ताहा बिना अन्यत्र नाहि 9/289 | तोमाते ये एत प्रीति 11/27 | तोमार लागि' जगन्नाथे 3/197 ताहार महिमा तबे हृदय 9/36 | तोमा छाड़ि' अन्यत्र गेनु 10/123 | तोमार शरीर एइ, मोर 3/145 ताहा सहि, तोमार विच्छेद 7/48 | तोमा-दुँहा देखिते मोर 1/212 | तोमार शिक्षाय पड़ि येन 8/121 तेंहो जीव नहेन, हन 10/13 | तोमा देखि' कृष्णनाम 9/26 | तोमार सङ्ग लागि' मोर 6/60 तेंह-प्रेमाधीन, तोमार 11/52 | तोमा देखि' कृष्ण' हैल 10/175 | तोमार सङ्गेर योग्य 7/64 तेंहो कहे, –हङ मुञि 8/21 | तोमा बिना अन्य नाहि 8/236 | तोमार सम्प्रदाये देखि 9/276 तेंहो कहे, मोर प्रभु 1/27 | तोमा-बिना केह ইহা 8/119 | तोमार सन्मुखे देखि 8/268 तेंहो गौड़देश भासाइल 1/24 | तोमा-सङ्गे आमा-सबार 12/185 | तोमार स्पर्शयोग नहे 11/156 तेंहो यदि इँहा रहे 3/181 | तोमा-सबा जानि 7/8 | तोमा लागि' गोपीनाथ 4/133 तिन अंश चिच्छक्ति हय 6/158 | तोमा-सह तेरछे 5/149 | तोमा-सब ना छाड़िब 3/176 तिन खण्ड करि' दण्ड 5/143 | तोमार अग्रेते प्रभु कहिते 1/189 | तोमा-सबार आज्ञा बिना 3/174 तीरे वन देखि' स्मृति 8/11 | तोमार आगे एत कथार 6/105 | तोमा-सम वैष्णव ना 9/356 तीर्थ पवित्र करिते करे 10/11 | तोमार आज्ञाते शुभे 7/45 | त्र तीर्थयात्राय एत संघट्ट 1/223 | तोमार आश्रय निलुँ, गुरु 6/59 | त्रिजगते राधा-प्रेमेर 8/103 तुमि कह, –कलिते नाहि 6/98 | तोमार उपरे ताँर कृपा 6/106 | त्रिभुवन-मध्ये ऐछे 8/198 तुमि-गौरवर्ण, तेंह 10/164 | तोमार 'गौड़ीया' करे 12/127 | त्रिमल्ल भट्टेर घरे कैल 1/108 तुमि त' ईश्वर साक्षात् 9/58 | तोमार चरण पाइल सेइ 11/139 | द तुमि नराधिप हओ, विष्णु 1/178 | तोमार चरण मोर व्रज 1/82 | दण्डभङ्ग-लीला एइ 5/158 तुमि भाल करियाछ 12/117 | तोमार चरणे मोर नाहि 10/124 | दर्शन-लोभेते करि' 12/210 तुमि याँहा कह, आमि 3/148 | तोमार ठाञि आमार किछु 8/288 | दर्शने वैष्णव' हैल, बले 7/116 तुमि येइ अर्थ कर 6/127 | तोमार दर्शन-बिने, अधन्य 2/59 | दशम-टिप्पणी, आर 1/35 तुमि येइ कह, सेइ 9/159 | तोमार दर्शने यबे कृष्ण 9/36 | दश दिनेर का-कथा 8/239 तुमि येइ कहाओ, सेइ 8/120 | तोमार देशे, तोमार भाग्ये 1/176 | दानकेलिकौमुदी, आर 1/39 तुमि शुनि' शुनि' रह 6/129 | तोमार दैन्य देखि' मोर 11/157 | दामोदर-सम आर नाहि 10/116 तुमि-सब आगे याह 5/154 | तोमार नाम लञा तोमार 1/195 | दार्शनिक पण्डित सबाइ 9/51 तुमि-सब लोक-मोर 3/189 | तोमार पवित्र धर्म नाहिक 11/189 | दास्य-वात्सल्यादि-भावे 8/200 तुमि साक्षात् सेइ कृष्ण 9/126 | तोमार पालित देह, जन्म 3/146 | दुइ-एक सङ्गे चलुक 7/16 तुमि से जानह एइ 9/102 | तोमार प्रसादे मोर ए 12/181 | दुइजनार भरे दण्ड खण्ड 5/150 तृषित चातक यैछे करे 10/40 | तोमार व्याख्या शुनि' 6/130 | दुइ-तिन-गणने बाड़े 8/87 तेरछे पड़िल थालि 9/56 | तोमार मङ्गल वाञ्छे 1/177 |
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