श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें“ग्रन्थके उपकरणोंकी सूची” लीला-विषयक उपकरण— (१) चैतन्यचन्द्रोदय-नाटक, (२) चैतन्य भागवत (३) दामोदर स्वरूपका कड़चा (श्रीरघुनाथदास गोस्वामीको कण्ठस्थ), (४) वृन्दावनवासी गोस्वामीगण और उनके सङ्गियोंके द्वारा आलोचित पदसमूह। वेद— (क) संहिता—(१) ऋक्, (२) यजु; (३) साम और (४) अथर्व। (ख) उपनिषद्—(१) ईश, (२) ऐतरेय, (३) कठ, (४) श्वेताश्वतर, (५) बृहदारण्यक, (६) तैत्तिरीय, (७) प्रश्न, (८) छन्दोग्य, (९) माण्डुक्य, (१०) मुण्डक और (११) केन। (ग) तापनी—(१) गोपाल, (२) नृसिंह। सूत्र (दर्शन)— (१) न्याय, (२) पातञ्जल, (३) वेदान्त, (४) वैशेषिक, (५) मीमांसा और (६) सांख्य। पञ्चरात्र— (१) कात्यायन-संहिता, (२) नारद-पञ्चरात्र, (३) गौतमीय-तन्त्र, (४) सात्वत-तन्त्र, (५) तन्त्रवचन, (६) वैष्णवतन्त्र, (७) ब्रह्मसंहिता, (८) सर्वज्ञ-सूक्त, (९) सिद्धार्थ-संहिता, (१०) स्मृतिवचन और (११) हयशीर्ष-पञ्चरात्र। पुराण और भारत— (१) आदिपुराण, (२) इतिहास-समुच्चय, (३) उपपुराण, (४) कूर्मपुराण, (५) गरुड़पुराण, (६) नृसिंहपुराण, (७) पद्मपुराण, (८) विष्णुधर्मोत्तर, (९) विष्णुपुराण, (१०) बृहन्नारदीयपुराण, (११) ब्रह्मवैवर्त्तपुराण, (१२) ब्रह्माण्डपुराण, (१३) स्कन्दपुराण, (१४) श्रीभागवत, (१५) गीता, (१६) महाभारत, (१७) सहस्रनाम और (१८) हरिभक्तिसुधोदय। धर्मशास्त्र— मन्वादि बीस धर्मशास्त्र। पूर्वाचार्य-रचित ग्रन्थ— (१) कृष्णकर्णामृत (बिल्वमङ्गल-कृत), (२) नामकौमुदी (लक्ष्मीधर-कृत), (३) भागवत-तात्पर्य (श्रीमध्व-कृत भागवत टीका), (४) श्रीरामानुज-भाष्य (५) भावार्थ-दीपिका (श्रीधर-कृत भागवतकी टीका), (६) महाभारत-तात्पर्य (श्रीमध्व-कृत), (७) महाभारतीय उद्योगपर्वके श्रीधरस्वामीके द्वारा उद्धृत श्लोक, (८) मुकुन्दमाला-स्तोत्र (श्रीकुलशेखर-कृत), (९) यामुनाचार्यपादोक्त पद्यावली, (१०) श्रीधर-कृत तन्त्रवचन, (११) सर्वज्ञसूक्त और (१२) स्तोत्ररत्न (श्रीयामुनाचार्य-कृत)। गोस्वामि-रचित ग्रन्थ— (१) आर्यशतक, (२) उज्ज्वलनीलमणि, (३) श्रीकृष्णसन्दर्भ, (४) श्रीकृष्णचैतन्यचन्द्रोक्त x | श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत