श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
पृष्ठ 1982, कुल 2549 में से
संदर्भ में पढ़ें[ तुम्हि-नाम श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत मध्यलीला तुमि याँर हित वाञ्छ' 15/169 द देह-देहीर, नाम-नामीर 17/132 तुमि याँहा-याँहा रह 16/280 दक्षिणाधो हस्त हैते 20/222 देहारामी—कर्मनिष्ठ 24/208 तुम्हि करिह भक्तिशास्त्रेर 23/98 दण्ड्यजने राजा येन 20/118 देहारामी देहे भजे 24/206 तँ 'तुल-तले बसि' 18/78 दधि येन खण्ड-मरिच 23/45 देहारामी, सर्वकाम—सब 24/212 तँ 'तुलि-तलाते आसि' 18/75 दरवेश हञा आमि 20/13 देहे आत्म-ज्ञाने आच्छादित 24/195 तँ 'हो कहे, –'के वैष्णव 16/71 'दर्शन'-'स्नाने' करे जीवेर 15/134 द्वादश-मासेर देवता—एइ 20/198 तेरछे नेत्रान्ते बाण, तार 21/105 दर्शनेर कार्य आछुक, ये 18/123 द्वारका-मथुरा-पुरे नित्य 20/190 तैछे एक ब्रह्माण्ड यदि 15/174 दारिद्रय-नाश, भवक्षय 20/142 द्वारे एक 'वैष्णव' हय 20/47 तैछे भक्ति-फले कृष्णे 20/141 'दारु'-'जल'-रूपे कृष्ण 15/134 “द्वारेते वैष्णव नाहि” 20/48 तैछे राधाकुण्ड-प्रिय 18/7 'दारुब्रह्म'-रूपे-साक्षात् 15/135 द्विविध 'विभाव',–आलम्बन 23/46 तोमा देखि' जिह्वा मोर 18/203 दास्य-भक्तेर रति हय 24/32 द्विभुज-स्वरूप कभु 20/175 तोमा देखि, तोमा स्पर्शि 20/60 दास्यभाव-भक्त—सर्वत्र 19/189 ध तोमा देखि' सर्वलोक 18/110 दास्य-रति 'राग' पर्यन्त 23/50 धन नाहि पाबे, खुदिते 20/134 तोमा बिना अन्य जानिते 24/310 दास्येर 'सम्भ्रम-गौरव' 19/221 धन पाइले यैछे सुख 20/140 तोमा-सङ्गे ना याइब 16/134 दिव्य देह दिया कराय 24/105 धनेर झारि पड़िबेक तोमार 20/135 तोमार इच्छा-मात्रे हबे 15/171 दीक्षा-पुरश्चर्या-विधि 15/108 धर्म নহে, करि आमि 15/48 तोमार कार्य-धर्म-धन 15/130 दुइ कर, शीघ्र पाबे 16/70 धर्म प्रवर्त्तन करे व्रजेन्द्र 20/339 तोमार कि कथा, तोमार 15/101 दुइ गण्ड सुचिक्वण 21/127 धर्म-स्थापन-हेतु साधुर 17/185 तोमार घरे कीर्त्तने आमि 15/46 दुइदिके माता-पिता पुष्ट 18/60 धर्महानि हय, लोके करे 20/92 तोमार दुइ भाइ तथा 25/175 दुइ धान्यक्षेत्रे अल्पजले 18/5 धर्माचारि-मध्ये बहुत 19/147 तोमार 'दोष' करिते करे 17/126 दुइभाइ विषय-त्यागेर 19/4 ध्वनि—बड़ उद्भट 21/142 तोमार नाम शुनि' हय 18/124 दुइ योग्य নহে, दुइ 15/262 न तोमार निश्वासे सर्ववेद 24/309 दुँहार मुखे कृष्णनाम 19/71 नदीर प्रवाहे येन काष्ठ 22/43 तोमार पण्डित-सबार 18/197 'दुःसङ्ग' कहिये—'कैतव' 24/94 'नन्दनन्दन कृष्ण—मोर 15/100 तोमार शास्त्रे कहे शेषे 18/190 दुग्ध येन अम्लयोगे 20/309 नवविधा भक्ति पूर्ण नाम 15/107 'तोमार सुखे आमार सुख' 17/9 दुग्धान्तर वस्तु নহে, दुग्ध 20/309 नव-योगीश्वर जन्म हैते 24/113 तोमारे ना कहिल, अन्यत्र 20/128 दुर्वार उद्भट प्रेम, নহে 19/82 नाचे, कान्दे व्याघ्रगण 17/41 तोमाय चाखाइते तार कहि 19/137 दूर हैते ताहा देखि' 18/105 ना दिलेक लक्ष कोटि 21/133 तोमा-सबार इच्छाय बिना 25/163 देखि' भट्टाचार्येर मने हय 17/33 नाना कामे भजे, तबु 24/190 तोमा-सबार सङ्ग-बले 24/9 देखिले ना माने ऐश्वर्य 19/194 ना पड़' कुतर्क-गर्त्ते 25/272 तोमा-सबार 'सुखे', पथे 17/7 देव-ऋषि-पितृदिगेर 22/136 नाम-गाने सदा रुचि 23/28 'त्रिपाद विभूति'र केबा 21/87 'देवीधाम' नाम तार, जीव 21/53 नाम-प्रेम दिया कैल 17/54 'त्रि'-शब्दे कृष्णेर तिन 21/90 देहकान्ति पीताम्बर कैल 18/118 त्रेतार धर्म 'यज्ञ' कराय 20/333 536 ।