श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
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सेवा-सौष्ठवके अभिनयकारी श्रीगौरसुन्दरकी लीलाके पूर्णाङ्गसमूह ग्रन्थकारके हाथोंसे ही सुचारु रूपसे अंकित हुए हैं। जीवन्मुक्त गौड़ीय महाभागवतगण श्रीचैतन्यचरितामृतकी आलोचना करते हुए भजनकी पराकाष्ठा लाभ करेंगे। “श्रूयतां श्रूयतां नित्यं गीयतां गीयतां मुदा। चिन्त्यतां चिन्त्यतां भक्ताश्चैतन्यचरितामृतम्॥” “हे भक्तों! इस श्रीचैतन्यचरितामृतका नित्य आनन्दपूर्वक श्रवण करो, कीर्तन करो और स्मरण करो।” — श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती 'प्रभुपाद' xx | श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत