भारतकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

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अनुभाष्यमें उद्धृत ग्रन्थादि-तालिका अथर्ववेद-५/९८-१०१; अथर्वशिखा-७/१२८; अनन्त-संहिता-२/२२; उज्ज्वलनीलमणि-४/४६, १०८, १६२, १६५, २१७; उपदेशामृत (श्रीरूपगोस्वामीकृत) - २/११७; ७/१६-१७; ऋक्संहिता-२/२४; ५/९८-१०१; कठोपनिषद् - ७/१०; कलिसन्तरणोपनिषद् - ३/४०; कृष्णयामल-२/२२; कृष्णसन्दर्भ-५/१४-१८, १२०; कार्ष्णायण-श्रुति-५/२८; गीता-५/९०; ७/११५, १२८; गीता-भाष्य (मध्वाचार्य) - ५/२८; गोविन्दभाष्य-६/१४-१५; गौरगणोद्देशदीपिका-४/१०५; ६/३९; चैतन्यचन्द्रामृत-७/२७, १४९; चैतन्यचन्द्रोदय-नाटक-७/४५; चैतन्योपनिषद्-२/२२; चैतन्यभागवत-२/११०; छान्दोग्योपनिषद् - ७/१२८, १२९; नरोत्तमदास ठाकुरकी प्रार्थना-५/२०४; ७/१६-१७; तत्त्वसन्दर्भ-२/५; तैत्तिरियोपनिषद्-७/१२०, १२८; नवद्वीपशतक - ७/१४९; नामार्थ-सुधाभिधभाष्य (बलदेव) - ३/४९; नामाष्टक (श्रीरूपगोस्वामी) - ७/७२-७४; नारदपञ्चरात्र-२/११८; ६/४३-४४; ७/७२-७४; नारायण-संहिता-३/४०; नारायणार्थशिरोपनिषद्-२/२४; नारायणोपनिषद्-२/२४; पद्मपुराण-३/७८; ५/४०, ४१-४८, ११०-११२, २२३, २२५-२२६; ६/४३-४४; ७/१०८-१०९; परमात्म-सन्दर्भ-५/५८; ७/१२१-१२६; लघुभागवतामृत-भाष्य (बलदेव) -६/७७-७८; प्रपन्नामृत-५/२८; प्रमेयरत्नावली-६/३९; प्रीति-सन्दर्भ-४/६०; ७/८८; वायुपुराण-१/४६; २/२२; ६/७७-७८; विष्णुपुराण-१/१०७; ५/७६, ५/११०-११२; ७/१०६; विलापकुसुमाञ्जली-५/२०३; वृन्दावन-शतक-७/१४९; बृहदारण्यकोपनिषद् - ७/१२०; बृहद्भागवतामृत-५/३६; वेदान्तसार (सदानन्द योगी) - ७/१०१, १११-११३; वेदान्ततत्त्वसार (श्रीरामानुज) - ७/१२०; वेदान्तसूत्र या ब्रह्मसूत्र-५/४१-४८; ६/१५; ७/१०६, १२१; वेदार्थसंग्रह (श्रीरामानुज) - ७/१४०; व्यासयोग-५/२८; ब्रह्मयामल-२/२२; ब्रह्मसंहिता-२/८९; ५/८१, ९४-९५, ९८-१०१; ६/७७-७८; ब्रह्माण्डपुराण-५/११०-११२, १२९-१३२; भक्तिरत्नाकर-६/३९; ७/१४९; भक्तिरसामृतसिन्धु-२/११७; ६/४३-४४; ७/९२; भक्तिसन्दर्भ-१/३५, ४६; ५/२२५-२२६; ७/७२-७४; भगवत्-सन्दर्भ-२/१०, ९६; ३/८०; ४/६२, ६६; ५/२८, ८४; ७/१२८; भागवत-२/२२, २४, ११७; ३/१८; ४/३३; ५/३५-३६, ५९-६१, ६५-६६, ८०, ८२, ८९, ९६, ९८-१०१, १०२-१०३, १०४, ११०-११२, १२०, १२४, १७०, २२३, २२५-२२६; ६/४३-४४, ७७-७८, ९८; ७/३४, ७१, ७३, ९२; भागवत-तात्पर्य (मध्व) - ५/८४; भावार्थ-दीपिका-५/४१-४८, १६१; ६/४३-४४; मनःशिक्षा (दास गोस्वामी) - १/४६; ४/३३; मनुसंहिता-१/४६; महाभारत-१/१०७; ३/४७; ५/१०२-१०३, ११०-११२; माण्डुक्योपनिषद्-७/१२८; मुकुन्दमालास्तोत्र-४/३३; ६/४३-४४; मुक्तिकोपनिषद्-७/१०८-१०९; मुण्डकोपनिषद्-२/१२, २२; मुण्डकोपनिषद्भाष्य (मध्वाचार्य) - ३/४०; ७/७२-७४; राधारससुधानिधि-७/१४९; लघुभागवतामृत-१/६९-७०; २/११४; ५/३६, ४०, ४१-४८, ७६, xxx | श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत