भारतकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ

पृष्ठ 810, कुल 2549 में से

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पृष्ठ 810

[ अवतीर्ण-आर

अवतीर्ण हैते मने 13/52 अवश्य पाइबे तबे 17/33 अविचार काव्ये अवश्य 16/85 अविचारे देह दोष 14/29 'अविमृष्ट-विधेयांश'-एइ 16/61 'अविमृष्ट-विधेयांश'-दुइ 16/55 अष्ट कन्या क्रमे हैल 13/72 अष्टमास रहिल भिक्षा देन 10/156 अष्टमे चैतन्यलीला-वर्णन' 17/321 अष्टादश वत्सर रहिला 13/13 अष्ठि-वल्कल नाहि 17/85 असंख्य अनन्त गण 11/7 असंख्य अद्वैत-शाखा 12/65 असंख्य भक्तेर कराइला 13/62 असह्य वेदना, दुःखे ज्वलये 17/46 असाररे नामे इँहा नाहि 12/11

आँखि मुदि' काँपि आमि 17/182 आउलाय सकल अङ्ग 8/23 आकाशे उड़िया याङ, पाङ 10/20 आगे अवतारिल ये गुरु 13/53 “आगे केन इहा, माता 14/33 आगे ता' करिब, शुन 9/20 आगे विस्तारिया ताहा 10/104 आगे सम्प्रदाये नृत्य करे 17/136 आचार्य कहे,–“इहाके 12/47 आचार्य-गोसाञि मने 12/53 आचार्य गोसाञि याँरे 10/44 आचार्य गोसाञिर शिष्य 8/70 आचार्य-गोसाञिरे प्रभु करे 17/66 'आचार्यरत्न'-नाम धरे 10/12 आचार्यरत्न, विद्यानिधि 13/55 आचार्य वैष्णवानन्द भक्ति 11/42 आचार्य-व्यवहार सब 12/28 आचार्यरत्न, श्रीनिवास 13/102 आचार्यरत्न, श्रीनिवास 13/108 आचार्यरत्नेर नाम 10/13 आचार्य शेखर ताँरे 17/118 आचार्य-स्थाने मातार 17/71 आचार्येर अभिप्राय 12/54 आचार्येर आज्ञा पाञा 13/111 आचार्येर आर पुत्र 12/27 आचार्येर दुःखे वैष्णव 12/24 आचार्येर मत येइ, सेइ 12/10 आचार्येर लज्जा-धर्म 12/49 आचार्येरे स्थापियाछे करिया 12/34 आजन्म आज्ञाकारी तेंहो 10/74 आजन्म निमग्न नित्यानन्देर 11/39 आजन्म सेविला तेंहो 12/13 आजि आमि क्षमा करि' 17/127 आजि ताँरे निवेदिब, करि' 16/96 आजि दिन भाल,–करिब 14/18 आजि बासा' याह, कालि 16/104 आज्ञा पाञा मिश्र कैल 16/17 आज्ञामाला पाञा आमार 8/77 आटचल्लिश वत्सर 13/8 आत्म-इच्छामृते वृक्ष सिञ्चि 9/38 आत्मपवित्रता-हेतु लिखिलाङ 1/57 आत्म लुकाइते प्रभु 14/33 आत्मवृत्ति करि' करे कुटुम्ब 10/50 आदिलीला-मध्ये प्रभुर 13/15 आदिलीला-सूत्र लिखि 13/51 आधुनिक आमार शास्त्र 17/169 आनन्दे विह्वल मन 13/102 आनन्दित हञा आइल 12/43 आनन्दित हञा सबे 12/26 आनिया नैवेद्य तारा 14/60 आपन-इच्छाय कैल 17/89 आपना शोधिते कहि 11/7 आपनि चन्दन परि' 14/51 आपनि निरभिमानी, अन्ये 17/26 आपने चैतन्यमाली स्कन्ध 9/11 आपने दुइ भाइ हैला 17/229 आपने महाप्रभु गाय याँर 10/18 आमाके प्रणति करे, हय 17/263 आमा देखि' लुकाइला 17/145 आमा सबार पक्षे इहा 14/53 आमा हैते प्रसादपात्र 12/44 आमार महिमा देख, ब्राह्मण 17/42 आमार लिखन येन शुकेर 8/78 आमार हृदय हैते गेला 13/85 आमारे पूजिले पाबे 14/66 आमारेह कभु येइ 12/45 आमि कहि,–'आमार 15/19 आमि त' करिब 15/15 आमि ना लओयाइले 17/261 आमि ना शिखाले 14/87 आमि बालक,–संन्यासेर 15/19 आम्रमहोत्सव प्रभु करे 17/88 आर अर्थालङ्कार आछे 16/78 आर एक दोष आगे 16/61 “आर एक प्रश्न करि 17/172 आर एक विप्र आइल 17/60 आर कोन उपाय नाहि 17/267

274 | श्रीचैतन्यचरितामृत

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