भारतकोश
श्रीलिंगमहापुराण

श्रीलिंगमहापुराण

Linga MahaPurana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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चित्र-सूची

( रेखा-चित्र )

१- देवर्षि नारदजी ..................................................... १२सुदर्शनचक्र प्रदान करना ................................ ३७३
२- ॐकारमें सशक्तिक शिव........................................ १३३३- सूतजीद्वारा ऋषियोंको कथा सुनाना ................... ३८५
३- ब्रह्माजीके एक भाग से मनु तथा दूसरे भागसे शतरूपाका प्राकट्य......................................... १४३४- भक्तद्वारा शिवलिङ्गका पूजन करना .................. ४०९
४- प्राणायामकी विधि ............................................... ४४३५- माता पार्वतीको भगवान् शिवजीद्वारा पंचाक्षरीविद्याका उपदेश ...................................................... ४१५
५- ब्रह्माजीद्वारा ईशान भगवान् शिवकी स्तुति .............. ७१३६- योगीद्वारा ओंकारकी साधना .............................. ४७२
६- ज्योतिर्मय लिङ्गका प्राकट्य .................................. ७६३७- देवी पार्वतीको भगवान् शंकरद्वारा अविमुक्तेश्वरलिङ्गका दर्शन कराना ............................................... ४७५
७- देवताओंसहित भगवान् विष्णुद्वारा शिवजीकी स्तुति . ८२३८- शिव-पार्वती-संवाद ........................................ ४७९
८- शेषशायी विष्णुके नाभिकमलसे ब्रह्माजीका प्राकट्य ...... ८८३९- मुनि शुक्राचार्यद्वारा शुक्रेश्वरलिङ्गका स्थापन ....... ४८३
९- भगवान् शंकरका विष्णु एवं ब्रह्माजीके सामने प्रकट होना ........................................................... १०३४०- ब्रह्माजीद्वारा वाराहरूप भगवान्‌की स्तुति ............ ४९४
१०- सूर्यार्घ्यदान ....................................................... १२३४१- दैत्योंद्वारा भक्त प्रह्लादके वधका प्रयास ................ ४९७
११- हाथोंमें तीर्थ ..................................................... १२३४२- भगवान् शिवका दक्षयज्ञविध्वंसहेतु वीरभद्रको भेजना ........................................................... ५३०
१२- पंचमहायज्ञ ....................................................... १२४४३- प्रजापति दक्षद्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति .......... ५३३
१३- भगवान् विष्णुको शाप देते महर्षि भृगु ................. १३६४४- इन्द्रादि देवताओंको लेकर देवगुरु बृहस्पतिका ब्रह्माजीके पास जाना .................................... ५३६
१४- मुनियोंका भगवान् ब्रह्मासे निवेदन ..................... १३७४५- द्विजवेषधारी भगवान् शंकरको देवी पार्वतीका नमन ५३९
१५- भगवान् शिवजीका ब्रह्माजीके समक्ष स्त्री-पुरुषरूपमें प्रकट होना ................................................. १८४४६- शिशुरूप शिवद्वारा वज्रसहित इन्द्रका स्तम्भन ....... ५४१
१६- भगवान् वृषभध्वजद्वारा नन्दिकेश्वरको शतदलकमलकी माला पहनाना .............................................. १९५४७- भगवान् शंकरके चरणोंमें देवी पार्वतीद्वारा मालाका अर्पण ........................................................... ५४३
१७- शिवरूप यक्षके समीप देवताओंका अनिश्चयकी स्थितिमें शक्तिहीन होना .................................. २२७४९- देवताओंद्वारा भगवान् गणेशजीको प्रणाम करना ... ५५४
१८- देवर्षि नारदजीद्वारा दक्षपुत्रोंको उपदेश देना....... २६०४९- इन्द्रका रूप धारणकर भगवान् शंकरका उपमन्युके आश्रममें आगमन ........................................... ५६१
१९- भगवान् विष्णुद्वारा ब्रह्मर्षि वसिष्ठको आश्वासन .. २६७५०- उपमन्युद्वारा भगवान् शंकर-पार्वतीको साष्टांग प्रणाम .. ५६४
२०- कुवलाश्वद्वारा महाबली धुन्धुका वध ................... २७८५४- ऋषि उपमन्युको भगवान् श्रीकृष्णद्वारा नमन ........ ५६५
२१- महर्षि विश्वामित्रद्वारा त्रिशंकुको सशरीर स्वर्ग भेजना ........................................................... २८७५५- महामुनि मार्कण्डेय एवं राजा अम्बरीषका संवाद ... ५६७
२२- राजा त्रय्यारुणद्वारा अपने पुत्रका त्याग ................. २८७५६- यमराजका ब्रह्माजीसे अपनी चिन्ता प्रकट करना ५७०
२३- भगवान् परशुरामद्वारा सहस्रार्जुनका वध ............. २९५५७- तपस्यारत देवर्षि नारदजी ................................. ५७३
२४- माता देवकीके गर्भसे भगवान् श्रीकृष्णका अवतार .. ३०१५८- गरुडपर आसीन भगवान् नारायण एवं देवर्षि नारद ... ५८०
२५- अष्टभुजारूप कन्याका कंसके हाथसे छूटकर अन्तरिक्षमें स्थित होना .................................. ३०२५९- देवर्षि नारदको राजा अम्बरीषद्वारा पुत्रीका परिचय देना ................................................. ५९०
२६- भगवान् श्रीकृष्णद्वारा बाणासुरकी भुजाओंका छेदन. ३०४६०- भगवान् नारायणको प्रणाम करते हुए देवर्षि नारद .... ५९२
२७- शतरूपाकी तपस्या ........................................... ३२६६१- भगवती महालक्ष्मीका प्रादुर्भाव .......................... ५९९
२८- भगवान् शिवजीद्वारा ब्रह्माके समक्ष अपने ही समान हजारों पुत्रोंकी मानस-सृष्टि करना ................. ३२८६२- घरमें कलहसे अलक्ष्मीका निवास ...................... ६०२
२९- प्रजापति दक्षद्वारा देवीकी आराधना .................... ३३०६३- ऐतरेय एवं उनकी माताका संवाद ....................... ६०८
३०- ब्रह्माजीद्वारा तारकपुत्रोंको वरप्रदान .................... ३३३६४- शिवलिङ्गकी स्थापना करते भगवान् श्रीराम ........ ६२३
३१- भगवान् शिवजीद्वारा एक ही बाणसे त्रिपुरको ध्वस्त करना ३५४६५- सूतजीसे मुनियोंद्वारा प्रश्न करना ....................... ६४९
३२- नेत्ररूपी कमलदानसे प्रसन्न शिवजीद्वारा विष्णुको६६- गुरुका शिवभावसे पूजन ................................... ६५०
६७- रावणद्वारा पूजित भगवान् रावणेश्वर .................... ८०७