श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)
Srimad Bhagavad Gita Rahasya by Bal Gangadhar Tilak
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपारिभाषिक शब्दोंकी सूचि ९०१ उपपादन २२ कर्मसंन्यास ३०३ उपसंहार २१, ४६६ कर्मेन्द्रियों के व्यवहार १३२, १३८ उपासना ३६२ कर्माकर्मविवेचन ५११ ऋ काम ११३, ३२८, ३२९, ३३० ऋक्छंद ५१७ कापिलसांख्य १५०, १५३, १५९, १६० ए काम्य ३५० एकान्तिक धर्म ९ कार्याकार्यनिर्णय ६४, ६८ एषणा ३१५, ३२३ काल २९९ एसि-एसिन पंथ ५८९ कृष्णमार्ग २९८ क कृष्णार्पण ११४ कर्तव्यमूढ २७, २८ कृष्णार्पणपूर्वक कर्म ४३४ कर्तव्यधर्ममोह २५, २६, २७, २८ क्रममुक्ति ३०० कर्म ५३, ५६, २५४, २५५, २६२ क्रियमाण २७४ कर्मजिज्ञासा ५२ ग कर्म (निवृत्त) ३५०, ३५८ गति अथवा स्मृति २९९ कर्म (प्रवृत्त) ३५०, ३५८ गीता (स्मृति) ५२७, ५३६, ५३७, ५५७ कर्मट ३९६ गीता-तात्पर्य १०, ११, १२, १४ कर्मत्याग (तामस) ३२१ गीता-धर्मकी चतुःसूत्री ११६ कर्मत्यागनिषेध ११५, ११६ गीता शब्दार्थ ३ कर्मत्याग (राजस) ३२१ गुण २०४, २४२ कर्मत्याग (सात्त्विक) ३२२ गुणपरिणामवाद अथवा गुणोत्कर्ष १७३, कर्मनिष्ठा ३०५, ४५६ २५१ कर्मप्रवाहके पर्याय शब्द ७६, ७७ ग्रंथ-तात्पर्य-निर्णय २१ कर्मभोग २७५ ग्रंथपरीक्षण ७ कर्ममुक्ति २७६ च कर्मयोग ५०, ११०, ३०३, ३०४, चतुर्विध पुरुषार्थ ६५ ३०५, ३५८, ४०१, ४०५, ४३६, चतुर्व्यूह ४५३, ४५५ ४३७, ४४६, ४५२, ४५३, ४६६, चातुर्वर्ण्य-धर्म ६६ ४६९, ४७३, ५०२, ५२९ चार्वाक-धर्म ७७, ७८ कर्मयोग (गीताका) ३०८ चित् २३०, २४४ कर्मयोगशास्त्र ५३, ६१, ४७६ चित्त १३६ कर्मयोगशास्त्रका लौकिक नाम ४७६ चेतना १४४ कर्मयोगी स्थितप्रज्ञ २७५ चोदना ७०, ७१ कर्मविपाक २६४ चोदनाधर्म ७०, ७१