श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)
Srimad Bhagavad Gita Rahasya by Bal Gangadhar Tilak
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें९०२ गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र ज दैवी माया २८० जडाद्वैत १६२ द्वैताद्वैती सम्प्रदाय १७ जय ३०, ५२५ ध जीव १७९, २११ धर्म (अनेक धर्म) ८९, ५०४ जीवन्मुक्त ३०२ धर्म (उपनिषद्) ५७४ जीवात्मा २६८ धर्म (गार्हस्थ्य) ५७७ जैसेको तैसा ३१५, ३९८, ४०३ धर्म (जैन) ५७०, ५८६ ट धर्म (देवता) १२७ टीकाएँ १२ धर्म (पारलौकिक) ६५ त धर्म (प्राकृत) तत् २४७ धर्म (मीमांसकोंका अर्थ) तत्त्वमसि – जो पिण्डमें (देहमें) है, वह धर्म (यहूदी) ५८९ ब्रह्माण्ड में (सृष्टिमें) है, १४ २२८ धर्म (व्यावहारिक अर्थ) ६९ तन्मात्राएँ १७७ धर्म (सामाजिक अर्थ) तप २५७, २९४ धर्मप्रवचन ६५ तम १५८ धर्मशास्त्र ५९ तामसबुद्धि १४१ धर्माधर्म ३१, ३२ तीसरा मार्ग ३०० धर्माधर्मनिरूपण ५०८ तुष्टि ११९ धर्माधर्मनिर्णयके नियम ७१, ७२ तृष्णा १०१ धातु ५६३ त्याग ३५०, ४६४ धारणाधर्म ६६, ६७ त्रयीधर्म २९२ न त्रयीविद्या २९२ नानात्व १५८ त्रिगुणातीत १६८, २५१, ३७५, ४६३ नामरूप २१७ ४९२ नारायणीय धर्म (सात्त्वत-एकान्तिक- त्रिगुणात्मक प्रकृति २६५ भागवत) ३४२, ५१५, ५४५, त्रिगुणोंकी साम्यावस्था १५८, १५९ ५४८, ५६० त्रिवृत्करण १८६ नासदीय सूक्त २५२ द नित्यसंन्यासी ३५० दातव्य ३९४ निगंशावादी ४९५ दुःख ९६ निर्गुण २४३ दुःखनिवारक कर्ममार्ग ७०७ निर्गुणपरब्रह्म ४११ देवयान २९७, २९८, २९९, ३०० निर्गुणभवित १६८ दैव २७२, ३२८ निवृत्ति ३५८