श्रीमद्भगवद्गीतारहस्य अथवा कर्मयोगशास्त्र (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)
Srimad Bhagavad Gita Rahasya by Bal Gangadhar Tilak
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा
पृष्ठ 948, कुल 956 में से
संदर्भ में पढ़ेंपारिभाषिक शब्दोंकी सूची ९०३ निवृत्तिमार्ग १३ प्रकृति (तम) १५८, १५९, २६५ निर्वाण ५७७ प्रकृति (त्रिगुणात्मक) २६५ निर्वाणस्थिति २३३ प्रकृति-विकृति १८१ निर्वाणकी परमशांति ११९ प्रतीक २०८, ४२०, ४२१ निर्वैर ३९३, ३९४, ३९६ प्रवृत्तिस्वातंत्य २७१, २८३ निष्काम-गीतार्म ७७ प्रस्थानत्रय १२ निष्ठा २१६, २१७, ४५६ प्राण अर्थात् इंद्रियां १७९, १८० नीतिधर्म ५११ प्रारब्ध २७४, २७५ नीतिशास्त्र ४९ प्रारंभ ४६६ नैष्कर्म्य २७६ प्रेय ९३, १२० नैष्कर्म्यसिद्धि २७६ फ प फल २१, ४६७ परमाणुवाद (कणाद) १५१, १५२ फलाशा ११३, ३२७ परमात्मा २०२, ४८६ फलाशात्याग ४३३ परमार्थ ४०५ ब परमेश्वरका अपरस्वरूप १८३ बहिरंगपरीक्षण ७, ८ परार्थप्रधान पक्ष ९०, ९१ बुद्धि १३०, १६६, ३७७, ४७७, ४७८ पंचमहाभूत १७७, १७८, १८७ ४८५, ४८६, ४८९ पंचरात्रधर्म ५४५, ५४७ बुद्धि (आत्मनिष्ठ) १४३ पंचीकरण १८४ ,, (सात्विक) १४० पातञ्जलयोग ५७३ ,, (तामस) १४१ पिण्डज्ञान १६८ बुद्धि (राजस) १४१ पितृयान २९७, २९८, २९९, ३०० ,, (वासनात्मक) १३८, १३९, ४०७ पुरुष १६३, १६५ ,, (व्यवसायात्मक) १३५, ४७१ पुरुषार्थ ५४, ६५ ,, (सदसद्विवेक) १२५ पुरुषोत्तम २०१ बुद्धिके कार्य १३८, १४० पुष्टि १७, १२०, १२१ बुद्धि के नाम १७४ पुष्टिमार्ग १६ बुद्धिभेद ३३३ पोषण १६ बुद्धियोग ३८२ पौराणिक कर्म ५५ बौद्धसिद्धान्त ५८२ प्रकृति (अष्टधा) १८३ ब्रह्म २१३ प्रकृति (मूल) १८१ ब्रह्मनिर्देश २४५ प्रकृति (सत्त्व) १५८, १५९, २६५ ब्रह्मनिर्वाण मोक्ष २५० प्रकृति (रज) १५८, १५९, २६५ ब्रह्मसूत्र १२