सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)
Sudama Charit of Mahakavi Narottamdas with Commentary
महाकवि नरोत्तमदास द्वारा
DevanagariHindipublished108 पृष्ठ
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, 'अ' has a top curve, bottom curve, middle bar, vertical stem, and another vertical stem for 'ा' -> आ!
Yes, look: it is हुआ!
प्रयाग हुआ है । -> सार्थक प्रयोग हुआ है ।
Ah, the letter is ह + ु = हु, and आ = आ!
So: सार्थक प्रयोग हुआ है ।!
Let's re-verify: हुआ in line 25:
हुआ है, जिसे प्रभावशाली बनाने में सन्देह अलंकार का सार्थक प्रयोग हुआ है ।
Yes, absolutely हुआ है ।!
Line 26:
`(७२) शब्दार्थ-देव-नगर = स्वर्ग, अमरावती । जच्छपुर = यक्षपुर; कुबेर का`
(Notice: `शब्दार्थ-देव-नगर = स्वर्ग, अमरावती । जच्छपुर = यक्षपुर; कुबेर का`).
Line 27:
`नगर (अलकापुरी) । भटको = भटक पड़ा । कित आय = कहाँ आ कर । कहा =`
Wait, is it `कित आय` or `कित आयौ`?
Look at `कित आय`: `क ि त` `आ य` -> `कित आय = कहाँ आ कर । कहा =`.
Wait, let's check `आय`: is there a matra on `य`? No, just `आय`.