सुगम चिकित्सा
Sugam Chikitsa
आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा
स्रोत: June 1939 First Edition · सस्ता साहित्य मण्डल, दिल्ली (Sasta Sahitya Mandal, Delhi) · 1939 (उद्गम)
पृष्ठ 180, कुल 222 में से
संदर्भ में पढ़ें:२१:
धातुओं की भस्म
सोना-चाँदी आदि धातुओं को भस्म करने से पहले उन्हें शुद्ध करना चाहिए। सोना-चाँदी और ताम्बा आदि धातुओं को बहुत पतला पत्तर करके आग में गर्म कर पहले मीठे शोधन तेल में, फिर गाय के मट्ठे में। फिर काँची में इस के बाद गोमूत्र में और अन्त में कुरथी के काढ़े में सात-सात बार बुझाना। राँग और जस्त गलाकर बुझाना चाहिए।
सोने के पत्तरो को कैंची से काटकर बराबर शुद्ध पारे में खरल करके गोला बनाना। फिर एक मिट्टी के शकोरे में सोने के वजन बराबर गन्धक का चूर्ण रख, ऊपर वह सोने की भस्म गोला रख, उसपर गन्धक भरकर दूसरे शकोरे से ढक देना। फिर कपर-मिट्टी करके ३० जङ्गली उपलों की आँच में फूंकना। ठण्डा होने पर बाहर निकालकर फिर उसी तरह पारे के साथ घोटकर पकाना। इसी तरह १४ बार करने से सोना भस्म होजायगा।