सुगम चिकित्सा

सुगम चिकित्सा
Sugam Chikitsa
आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा
स्रोत: June 1939 First Edition · सस्ता साहित्य मण्डल, दिल्ली (Sasta Sahitya Mandal, Delhi) · 1939 (उद्गम)
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छोटे बच्चों की परवरिश के सम्बन्ध में
होजाता है। इसकी यह चिकित्सा करे कि रोटी बनाने के बाद गरम-गरम तवा नीचे उतारकर रखदे और पानी (ताजे) से स्तन को इस प्रकार धोना शुरू करे कि सारा पानी टपक-टपककर नीचे तवे पर पड़े और उसकी भाप उठकर स्तन को लगे। दो-तीन दिन में स्वर उतर जायगा। सूजन भी कम हो जायगी। यदि सूजन अधिक हो तो यह क्रिया करे—
पोस्त के डोड़े एक तोले, मकोय सूखी एक छटॉक लेकर एक सेर पानी में पकावे। जब आधा पानी रह जाय उसे एक टूटी दार लोटे में मुँहबन्द करके टूटी दार भाप लगावे। शीघ्र आराम होगा। इस स्वर से भय की कोई बात नहीं है।