सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)
Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary
सन्त सुन्दरदास जी द्वारा
DevanagariHindipublished284 पृष्ठ
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२६६ ] ॥ सुन्दर विलास ॥ सेख मसाइक और हु लाइक, थाकि रहे मन मै मुसकातै। सु दर मौन गही सिध साधक, कौन कहै उसकी मुख बातै ॥२५॥ ॥ इति आश्चर्य को अंग सम्पूर्ण ॥ ॥ इति सुन्दरविलास-सवैयाग्रन्थ सम्पूर्ण ॥ ॥ हरि. ॐ तत् सत् ॥