भारतकोश
सूरसागर सार (सटीक हिन्दी व्याख्या)

सूरसागर सार (सटीक हिन्दी व्याख्या)

Sur Sagar Saar with Hindi Commentary

महाकवि सूरदास / डॉ. धीरेन्द्र वर्मा द्वारा

DevanagariBrajpublished359 पृष्ठ

पृष्ठ 88, कुल 359 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 88

अब जनि जैहौ गाइ चरावन, कहँ को रहित बलाइ । सूर स्याम दम्पति बिच सोए, नीँद गई तब आइ ॥१९८॥ अर्थ—(नंद कहते है) मैंने तुम्हे यमुना के तट पर जाते हुए रोका था । तुम मे नहाते समय की याद (शेष) रह गई है (इसलिए) हे मेरे तात डरो मत । नंद ने (कृष्ण को) अपनी गोद में उठाकर अपने साथ सुला लिया । (तुम) वृन्दावन में जहां- तहां घूमते रहते हो । वहां किसलिए जाते हो ? अब गाय चराने मत जाना, (तुम्हे) कहां की बला पड़ी रहती है । सूरदास कहते है कि कृष्ण (जब) दम्पति के बीच मे सोये तब उन्हें नींद आ गयी ॥१९८॥ काली दमन नारद ऋषि नृप सौं यौँ भाषत । वे हैं काल तुम्हारे प्रगटे, काहैँ उनकौँ राखत । काली उरग रहै जमुना मैं, तहँ तैँ कमल मँगावहु । दूत पठाइ देहु ब्रज ऊपर, नंदहिं अति डरपावहु । यह सुनि कै ब्रज लोग डरैँगै, वै सुनिहैं यह बात । पुहुप लैन जैहैं नंद-ढोटा, उरग करै तहँ घात । यह सुनि कंस बहुत सुख पायौ, भली कही यह मोहि । सूरदास प्रभु कौँ मुनि जानत, ध्यान धरत मन जोहि ॥१९६॥ अर्थ—ऋषि नारद राजा (कंस) से इस प्रकार कहते हैं कि वे (कृष्ण) तुम्हारे काल (मृत्यु के कारण) के रूप मे प्रकट हुए है उन्हे तुम जीवित क्यो रहने देते हो । काली नाम का सांप यमुना में रहता है वही से कमल मंगाओ । ब्रज मे दूत भेजकर नंद को भयभीत कराओ । यह सुनकर ब्रज के लोग डर जायेगे । यह बात जब वे (कृष्ण) सुनेगे तो नंद के पुत्र (कृष्ण) फूल लेने (यमुना) जायेगे और वहां सांप चोट करेगा । यह सुनकर कस को बहुत सुख मिला (उन्होने कहा) आपने मुझे अच्छी बात बतायी । सूरदास कहते है कि प्रभु कृष्ण को मुनि जानते हैं और मन से देखकर ध्यान धरते है ॥१९६॥ कंस बुलाइ दूत इक लीन्हौ । कालीदह के फूल मँगाए, पत्र लिखाइ ताहि कर दीन्हौ । यह कहियो ब्रज जाइ नंद सौं, कंस राज अति काज मँग़ायो । तुरत पठाइ दिएँ ही बनिहै भली-भाँति कहि-कहि समुझायौ । यहि अंतरजामी जानी जिय, आपु रहे, बन ग्वालं पठाए । सूर स्याम, ब्रज-जन-सुखदायक, कंस-काल, जिय हरष बढ़ाए ॥२००॥ अर्थ – कंस ने एक दूत को बुला लिया । उसे एक पत्र लिखा कर दिया और कालीदह के फूलो को मँगाया । (कंस ने दूत से कहा) ब्रज.जाकर नद से यह कहना कि कंस ने राज्य के जरूरी काम के लिए (फूल) मँगा भेजा है । (फूल को) तुरंत भेजवा देने