सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३५४ सूर्य-सिद्धान्त अब यह सिद्ध हो गया कि जो लोग रेल या तारघर से मिली हुई घड़ी के समय को ही धूप-घड़ी का भी समय समझ कर लग्न निकालते हैं उनका लग्न शुद्ध नहीं होता क्योंकि धूप और मध्यम घड़ियों में कभी-कभी ४१ पल अथवा १६ मिनट का अंतर रहता है । इसके सिवा देशान्तर के कारण भी अन्तर पड़ता है क्योंकि भारतवर्ष के रेल या तार- घर की घड़ियों का समय ग्रीनविच के* मध्यम समय से ५ १/२ घंटा अथवा १३ घड़ी ४५ पल आगे रखा जाता है । इसलिए यह समय केवल उन स्थानों के मध्यम काल के अनुसार ठीक होता है जो ग्रीनविच से ५ १/२ घंटा अथवा ८२° ३०' पूर्व हैं । मिरजापुर ग्रीनविच से ८२° ३८' १०'' पूर्व है । इसलिए मिरजापुर का मध्यम काल भारतीय मध्यम काल से ८' १०'' अथवा ८ असु या सवा पल अधिक है । यदि सवा पल का विचार न किया जाय तो कहा जा सकता है कि भारतीय मध्यम काल जो रेलवे और तार-घरों में प्रयोग किया जाता है मिरजापुर के मध्यम काल के समान होता है । इसलिए पूर्व के स्थानों के मध्यम काल जानने के लिए देशान्तर का संस्कार जोड़ना चाहिये और पच्छिम के स्थानों का मध्यम काल जानने के लिए देशान्तर का संस्कार घटाना चाहिए । यह नीचे के उदाहरणों से स्पष्ट होगा :- उदाहरण १-प्रयाग में जिस समय सूर्योदय के उपरान्त धूप-घड़ी के अनुसार १६ घड़ी १५ पल बीतता है उस समय रेलवे की घड़ी में क्या समय होगा जब सूर्य का निरयण भोगांश उदय काल में ३रा ५° १' ६'' हो ? इस दिन सूर्य कर्क राशि के ६ठे अंश पर है इसलिए कर्क की ६ठी तिथि है । सारिणी में कर्क की ७वीं तिथि को काल समीकरण + १५.४ पल है । इसलिए सारिणी से केवल यही पता लग सकता है कि इस दिन काल समीकरण + १५ पल के लगभग है । चित्र ६४ से जहाँ काल-समीकरण का वक्र दिया हुआ है यह पता चल सकता है कि कर्क की ६ठी तिथि को काल समीकरण १५.४ पल से अधिक था या कम । देखने से स्पष्ट है कि ७ कर्क के दिन क क क क वक्र के बिंदु की जो कोटि है उससे कम ७ कर्क के पहले के दिनों में है इसलिए यह निश्चय होता है कि ६ कर्क को काल समीकरण + १५.४ पल से कुछ कम है और ४ कर्क को यह ठीक + १५ पल है । इसलिए अभीष्ट काल-समीकरण + १५.३ पल के लगभग है । यह धनात्मक है इसलिए १६ घड़ी १५ पल में इसे जोड़ना चाहिए । इसलिए जब प्रयाग में धूप-घड़ी
- कुछ लोग समझते हैं कि तार-घर की घड़ी में मदरास का समय रहता है परन्तु यह भ्रम है। मदरास में एक वेधशाला अवश्य है और पहले वही समय सब घड़ियों में रखा जाता था परन्तु अब नियम बदल दिया गया है ।