भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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४२८ सूर्य-सिद्धान्त

ज्योतिषियों ने इतनी बड़ी दूरी को प्रकट करने के लिए एक और इकाई स्थिर की है जिसे प्रकाश वर्ष कहते हैं। एक वर्ष में प्रकाश जितनी दूर चलता है उसे प्रकाश वर्ष कहते हैं। यह कई प्रयोगों से सिद्ध हो गया है कि सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक ८ मिनट १८ सेकेन्ड में पहुँचता है अर्थात् प्रकाश की गति प्रति सेकेन्ड १,८६,०० मील है। इसलिए एक सायन वर्ष में प्रकाश ३६५.२४२२ × २४ × ६० × ६० × १८६००० मील अथवा ५८,६६,५८,८२,५०,८८० मील चलता है। इसलिए इसी दूरी को एक प्रकाश वर्ष कहते हैं।

यह भी याद रखना चाहिए कि जहां इतनी बड़ी दूरियों का हिसाब लगाया जाता है वहां लाखों मील की दूरी की भूल रह जाना साधारण बात है क्योंकि यदि

नाम अंग्रेजी मेंनाम हिन्दी मेंवार्षिक लम्बनपृथ्वी से सूर्य की दूरी का कितने गुनी दूरीप्रकाश वर्ष में दूरी
α Centauri...०".७५० ± ०".०१२,८०,०००४.४
61 Cygni...०.३७ ± ०.०२५,६०,०००८.८
Siriusलुब्धक०.३७ ± ०.०१५,६०,०००८.८
Procyonप्रश्वा०.३१६,६०,०००११
Altairश्रवण०.२८ ± ०.०२७,४०,०००१२
Aldebaranरोहिणी०.१७ ± ०.०२१४,००,०००२२
Capellaब्रह्म हृदय०.१२ ± ०.०२१७,००,०००२७
Vegaअभिजित्०.१२ ± ०.०२१७,००,०००२७
Polarisध्रुव तारा०.०७ ± ०.०२३०,००,०००४७
Arcturusस्वाती०.०२४८७,००,०००१४०
α Gruis...०.०१५१,४०,००,०००२२०
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