सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
पृष्ठ 457, कुल 838 में से
संदर्भ में पढ़ें४३४ सूर्य-सिद्धान्त गोली पीछे की दीवाल तक पहुंचे उस समय डब्बा रा ला स्थिति में हो गया और घ की जगह गा विन्दु सामने आ गया । इसलिए गोली गा पर छेद करती हुई देख पड़ेगी। डब्बे में बैठे हुए मुसाफिर कहेंगे कि गोली ग गा दिशा से आयी, इसलिए बन्दूक चलाने वाला वा स्थान की सीध में रहा होगा । चित्र ८८ जिस समय पानी बरस रहा हो और बूँदें खड़ी गिर रही हों उस समय यदि मनुष्य छतरी ठीक ऊपर थामे खड़ा हो तो भीगने से बच जाता है परन्तु यदि वह छतरी ठीक उसी तरह थामे आगे बढ़े तो वह भीगने से बच नहीं सकता क्योंकि उसके चलने के कारण खड़ी गिरती हुई बूंदें भी उसके मुँह पर तिरछी आती हुई पड़ती हैं। मनुष्य की चाल जितनी ही अधिक होगी उतनी ही तिरछी बूँदें उस पर पड़ेंगी । यह भी इसी बात का उदाहरण है । इसी प्रकार जब प्रकाश दूरदर्शक यन्त्र के भीतर प्रवेश करता है तब उसकी दिशा में परिवर्तन हो जाता है । कल्पना करो कि किसी तारे का यथार्थ स्थान त है और द्रष्टा की आँख इ पर है । यदि द्रष्टा अचल हो और वर्तन (refraction) भी