सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्रस्तावना डॉ० रत्नकुमारी स्वाध्याय संस्थान की ओर से प्राचीन वाङ्मय के कई ग्रन्थ प्रकाशित किये जा चुके हैं—स्वामी सत्यप्रकाश और डॉ० उषा ज्योतिष्मती के ग्रन्थ, जैसे बख्शाली-मेनुस्क्रिप्ट, शुल्ब-सूत्र ( संस्कृत और अंग्रेजी में ) । इसी परम्परा में हम स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद श्रीवास्तव के सूर्य-सिद्धान्त का विज्ञान भाष्य प्रकाशित कर रहे हैं । यह गौरव हमें विज्ञान-परिषद्, प्रयाग की उदारता से प्राप्त हुआ है, जिसके लिए हम परिषद् के अधिकारियों के उपकृत हैं । इस ग्रन्थ के प्रकाशन का व्ययसाध्य कार्य सम्पादित करना हमारे लिए कठिन होता यदि हमें करनाल के आदरणीय रायसाहब चौधरी प्रताप सिंह जी और उनके द्वारा स्थापित न्यास द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई होती । चौधरी साहेब के हम अत्यन्त आभारी हैं । अभी हम प्रथम खण्ड प्रकाशित कर रहे हैं, जिसमें मध्यमाधिकार, स्पष्टाधिकार ओर त्रिप्रश्नाधिकार हैं । दूसरे खण्ड में यह ग्रन्थ संपूर्ण समाप्त हो जायगा । एस ० रंगनायकी, फाल्गुनी पूर्णिमा एम०एस-सी०, डी० फिल, डी० एस-सी० ६ मार्च, १६८२. निदेशिका