भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

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चन्द्रग्रहणाधिकार ४८७ इसलिए सूर्य की स्पष्ट दैनिक गति (देखो स्पष्टाधिकार पृ० १५८) = ५६' ८" - ८२६/२१६०० × (१६४ × ५६' ८")/२२५ = ५६' ८" - १' ३६" = ५७' २६" = ५७'.५ चन्द्रमा की दैनिक गति उपर्युक्त रीति से नहीं निकल सकती क्योंकि चन्द्रमा की गति बहुत तीव्र होती है। इसलिए चन्द्रमा की दैनिक गति जानने के लिए पूर्ण- मासी के उपरान्त शुक्रवार की मध्यरात्रि का चन्द्रमा स्पष्ट करना अच्छा है। पूर्णमासी की अर्धरात्रि का मध्यम चन्द्र = ६रा २३° ३६'·२१ चन्द्रमा की दैनिक मध्यम गति = १३° १०'·५८ ∴ प्रतिपदा की मध्यम रात्रि का चन्द्रमा = १०रा ६° ४६'·७६ = १०रा ६° ४६'·८ = १०रा ६° ५०' ,, ,, का चन्द्रोच्च = १रा २८° ३४' + ६'·७ = १रा २८° ४०'·७ ∴ प्रतिपदा की मध्यरात्रि का चन्द्र मन्द केन्द्र = १रा २८° ४०'·७ - १०रा ६° ४६'·८ = ३रा २१° ५०'·६ = १ पाद + २१° ५१' स्वल्पान्तर से ∴ दूसरे पाद का गम्य भाग = ६८° ६' चन्द्रमा की स्फुट परिधि = ३२° - २०' × (भुज ज्या ६८° ६')/३४३८ = ३२° - २०' × ३१६१/३४३८ = ३२° - १६' = १६०१' ∴ भुजफल = (१६०१ × ३११६)/२१६०० = २८१' इसका धनु भी इतना ही होगा । इसलिए मन्दफल = २८१' = ४° ४१' ∴ प्रतिपदा की मध्यम रात्रि का स्पष्ट चन्द्र = १० रा ६° ५०' + ४° ४१' = १० रा ११° ३१'