सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५०२ सूर्य-सिद्धान्त स्थित्यर्ध ४ घड़ी ४२ पल में सूर्य की गति = ४′·५ ∴ मोक्षकालिक सूर्य का भोगांश = ११८°३८′·५ सूर्य से भूभाकेन्द्र का अंतर = १८०° ∴ मोक्षकालिक भूभाकेन्द्र का भोगांश = २९८°३८′·५ ,, चंद्रमा का भोगांश = २९६°३८′·५ ,, भूभाकेन्द्र से चन्द्रमा का अंतर } १° पूर्व की ओर इसके उदयासु भी पूर्ववत् ६० असु होंगे । मोक्षकालिक भूभाकेन्द्र का पच्छिम नतकाल = ३२८२ असु भूभाकेन्द्र से चंद्रमा का अंतर पूर्व की ओर = ६० असु ————————— ∴ मोक्षकालिक चंद्रमा का नतकाल ३२२२ असु = ३२२२′ = ५३°४२′ चंद्रमा की स्पर्शकालीन चर ज्या = स्परे २५°२०′ x स्परे १४°३१′·४ = ·४७३४ x ·२५६० = ·१२२६ ∴ स्पर्शकालीन चरांश = ७°२′ पृष्ठ २६२ के समीकरण (ग) के अनुसार, नतांश कोटिज्या = (कोज्या ४२′ - ज्या ७°२′) कोज्या २५°२०′ कोज्या १४°३१′·४ = (·६६६६ - ·१२२६) x ·६०३८ x ·६८०६ = ·८७७३ x ·६०३८ x ·६६८ = ·७६७५ ∴ स्पर्शकालीन नतांश = ३६°५३′ पृष्ठ २७६ के अनुसार, ज्या अग्रा = ज्या १४°३१′४ / (ज्या ३६°५३′ x कोज्या २५°२०′)
- को स्परे ३६°५३′ x स्परे २५°२०′ = ·२५०८ / (·६४१२ x ·६०३८) + १·१६६७ x ·४७३४ = ·४३२८ + ·५६६५